उपनाम: राजस्थान
जल्द ही ट्रेन यात्रियों को परोसी जा सकती है जयपुर की मशहूर मिठाई 'घेवर', रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिए संकेत
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर में राजस्थान की प्रसिद्ध मिठाई घेवर को ट्रेनों की पेंट्री में शामिल करने का संकेत दिया, साथ ही MNIT में एक विशाल एआई डेटा सेंटर बनाने की घोषणा भी की।
जयपुर का रोजदा गांव: गुलाबों की महक और नशामुक्ति की अनूठी मिसाल, जानिए पूरी कहानी
जयपुर के रोजदा गांव ने साल 2017 में 367 दिनों के आंदोलन के बाद पूर्ण शराब मुक्त पंचायत बनकर पूरे राजस्थान में पहचान बनाई। कभी गुलाब की खेती के लिए मशहूर यह गांव आज नशामुक्ति और विकास का रोल मॉडल है।
34 साल से बिना किसी मदद के प्याऊ चला रहा बुजुर्ग दंपति, गर्मी हो या सर्दी हर दिन बुझाते हैं राहगीरों की प्यास
करौली के वामनपुरा गांव के बुजमोहन माली और उनकी पत्नी कल्याणी देवी वर्ष 1992 से अपने ही खर्च पर प्याऊ चलाकर राहगीरों और श्रद्धालुओं की प्यास बुझा रहे हैं। बिना किसी चंदे या आर्थिक सहायता के चल रही यह सेवा सेवा-भाव की अनूठी मिसाल बन चुकी है।
बीकानेर में नशे के कारोबार पर शिकंजा, घर से 13,300 नशीली गोलियां जब्त, महिला हिरासत में
बीकानेर के खाजूवाला क्षेत्र में पुलिस और ड्रग्स कंट्रोल विभाग की संयुक्त छापेमारी में एक घर से 13,300 प्रतिबंधित नशीली टैबलेट बरामद हुईं। इस मामले में अंजू देवी नामक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
विकास के दावों की पोल खोलता बंद नाला, चार साल से जूझ रहे ग्रामीण, बरसात से पहले हल नहीं हुआ तो बढ़ेगी मुसीबत
सीकर जिले के एक गांव में बीते चार वर्षों से जाम पड़ा नाला ग्रामीणों के लिए सिरदर्द बना है। मानसून नजदीक आते ही समय रहते सफाई न होने पर फिर से जलभराव और परेशानी की आशंका गहरा गई है।
जयपुर का अनोखा पत्थरों वाला घर: बाहर 45°C की लू, फिर भी अंदर 5-7 डिग्री कम तापमान, जानें राज़
जयपुर में बना एक खास पत्थरों का घर भीषण गर्मी में भी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है, जहां अंदर का तापमान बाहर के मुकाबले लगभग 5 से 7 डिग्री सेल्सियस कम बना रहता है.
राजस्थान का यह गांव साफ-सफाई की अनोखी मिसाल, जहां ढूंढने पर भी नहीं मिलती गंदगी
करौली जिले का सनेट गांव जनभागीदारी से स्वच्छता की मिसाल बन गया है। जिला मुख्यालय से 28 किमी दूर 5 हजार की आबादी वाले इस गांव में हर घर और दुकान के बाहर डस्टबिन लगे हैं और सड़कों पर कचरा न देख अधिकारी भी हैरान रह जाते हैं।
जालोर के डकातरा गांव की नंदिनी राजपुरोहित बनीं भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर, बढ़ाया राजस्थान का गौरव
जालोर जिले के डकातरा गांव की बेटी नंदिनी राजपुरोहित ने कठिन प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर का पद हासिल किया है। इस बैच में स्नातक उपाधि पाने वाले देश के 16 सैनिकों और विमान चालकों में उनका नाम शामिल है।
छात्र राजनीति को कहा अलविदा, फूड ब्लॉगिंग से रजत ने भरतपुर के स्वाद को पहुंचाया देशभर तक
भरतपुर के रजत पूनिया ने छात्र राजनीति छोड़कर 'टेस्ट सफारी' नाम से फूड ब्लॉगिंग शुरू की और स्थानीय व्यंजनों को देशभर तक पहुंचाकर मशहूर फूड ब्लॉगर बन गए। उनकी कहानी आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा है।
ग्राउंड रिपोर्ट: मानसून से पहले संभल जाएं जिम्मेदार... धौलपुर के हुंडावाल रोड पर सीवर जाम और जलभराव ने बढ़ाई मुसीबत
धौलपुर के हुंडावाल रोड पर पिछले करीब दो वर्षों से सीवर जाम और जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे आसपास की कॉलोनियों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। स्थानीय लोग बीमारियों और हादसों के खतरे के बीच स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
जयपुर में नूरानी मस्जिद गिराए जाने पर मुस्लिम समुदाय का रोष, काली पट्टी बांधकर अदा की जुमे की नमाज
जयपुर के मालवीय नगर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान नूरानी मस्जिद ध्वस्त किए जाने के विरोध में शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय ने व्यापक प्रदर्शन किया और कई मस्जिदों में काली पट्टी बांधकर जुमे की नमाज अदा की। समुदाय ने कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए अदालत और लोक...
सरहद के इस माड़साहब ने बदली धरती की रंगत, पहली तनख्वाह से बोई थी हरियाली की नींव
बाड़मेर के शिक्षक भैराराम भाखर बीते 26 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण को मिशन बनाकर जुटे हैं और अब तक करीब 4.65 लाख पौधे लगा चुके हैं। पहली सरकारी तनख्वाह से शुरू हुआ उनका यह सफर हर परिवार को प्रकृति से जोड़ने के संकल्प तक पहुंच गया है।
प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के दौर में भी जीवंत है करौली के हटवारा बाजार की लकड़ी कारीगरी
करौली का हटवारा बाजार आज भी पारंपरिक लकड़ी के खिलौनों और घरेलू वस्तुओं की पहचान बनाए हुए है, जो 10 से 20 परिवारों की आजीविका का सहारा हैं। महंगाई के बावजूद यहां 20 से 100 रुपये तक के हस्तनिर्मित खिलौने उपलब्ध हैं।
राजस्थान का रहस्यलोक: जवाई बांध और श्रीराम के तीर की कथा से जुड़ी जिज्ञासा, क्या बदलेगी रेगिस्तान की सूरत?
जवाई बांध जल संरक्षण के साथ-साथ लोककथाओं और प्राकृतिक संतुलन का प्रतीक भी है, जहां श्रीराम के तीर की किंवदंती और बढ़ती हरियाली ने नई चर्चा छेड़ दी है।
भीलवाड़ा के शिवाजी गार्डन में बना अत्याधुनिक सिंथेटिक जॉगिंग ट्रैक, घुटनों और जोड़ों पर नहीं पड़ेगा जोर
भीलवाड़ा के शिवाजी गार्डन में यूआईटी ने करीब 60 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक सिंथेटिक जॉगिंग ट्रैक तैयार किया है। मुलायम, फिसलन रहित और टिकाऊ सतह वाला यह ट्रैक वॉकिंग, जॉगिंग और रनिंग के लिए सुरक्षित तथा आरामदायक माहौल देगा।