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अजमेर में नीट परीक्षा केंद्र पर हंगामा
राजस्थान के अजमेर स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में नीट यूजी 2026 परीक्षा के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब एक छात्रा को उसके पहनावे के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने से रोक दिया गया। ब्यावर की रहने वाली छात्रा कुलसुम बानो अपने पिता मोहम्मद आरिफ के साथ परीक्षा देने पहुंची थीं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बुर्का पहने होने का हवाला देते हुए गेट पर ही रोक लिया।
1 घंटे तक चली बहस और कलेक्टर का दखल
परीक्षा शुरू होने से पहले करीब 1 घंटे तक छात्रा और उनके पिता का परीक्षा स्टाफ के साथ विवाद चलता रहा। कुलसुम ने स्टाफ को NTA की गाइडलाइन दिखाई, जिसमें धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनकर आने वाले परीक्षार्थियों के लिए विशेष जांच के बाद प्रवेश का प्रावधान है। छात्रा का तर्क था कि उसने मई में आयोजित मुख्य परीक्षा में भी इसी पोशाक में हिस्सा लिया था और तब कोई समस्या नहीं हुई थी। मामला बढ़ता देख अजमेर के जिला कलेक्टर लोकबंधु मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद छात्रा को आखिरकार परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति दी गई।
छात्रा का कड़ा रुख
इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कुलसुम ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा, 'मेरी पहचान और मेरा बुर्का मेरे लिए परीक्षा से ज्यादा जरूरी है।' उन्होंने प्रशासन पर परीक्षा के दौरान अनावश्यक दबाव बनाने का आरोप लगाया। NTA ने भी बाद में एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि छात्रा को सुरक्षा जांच के बाद परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी गई थी।
क्या है NTA का ड्रेस कोड नियम?
नीट परीक्षा में नकल को रोकने के लिए NTA ने सख्त ड्रेस कोड लागू किया है, लेकिन धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं:
- धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की पूरी छूट है।
- ऐसे छात्रों को गहन सुरक्षा जांच से गुजरना होता है।
- नियमों के अनुसार, इन परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 1 से 1.30 घंटे पहले यानी सुबह 11:00 बजे ही केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है ताकि समय रहते जांच पूरी की जा सके।
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