200 साल पुराने जयपुर के हिंद होटल पर क्यों लगा ताला, क्या है इस ऐतिहासिक इमारत से जुड़ा विवाद? राजस्थान 3 महीने पहले 129
जयपुर के त्रिपोलिया बाजार की शान रहा ऐतिहासिक हिंद होटल करीब दो दशकों से बंद है। शाही विरासत समेटे यह इमारत आज भी अपनी वास्तुकला के लिए पर्यटकों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

शाही मेहमाननवाजी और जायके का केंद्र

जयपुर के व्यस्त त्रिपोलिया बाजार में स्थित हिंद होटल कभी शहर की सांस्कृतिक पहचान और शानदार स्वाद का पर्याय माना जाता था। स्थानीय जानकार बताते हैं कि इस जगह की शुरुआत आज से करीब 200 साल से भी अधिक समय पहले एक साधारण मिठाई की दुकान के तौर पर हुई थी। धीरे-धीरे अपनी लोकप्रियता के दम पर यह स्थान विकास करता गया और साल 1951 में इसे आधिकारिक तौर पर हिंद होटल के रूप में पहचान मिली। अपने सुनहरे दौर में यह होटल शाही मेहमाननवाजी और अपने लजीज व्यंजनों के लिए पूरे राजस्थान में मशहूर था।

विवादों के कारण लगा ताला

अपनी समृद्ध विरासत के बावजूद यह ऐतिहासिक होटल आज वीरान पड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, लीज से जुड़े विवादों और कानूनी पचड़ों के कारण वर्ष 2005 में इसे बंद कर दिया गया था। तब से लेकर आज तक यह इमारत अपनी रौनक खो चुकी है, लेकिन शहर के बीचों-बीच स्थित यह पुरानी वास्तुकला आज भी आने-जाने वालों का ध्यान अपनी ओर खींचती है।

सांस्कृतिक धरोहर के रूप में पहचान

भले ही होटल व्यावसायिक रूप से बंद है, लेकिन जयपुर की संस्कृति में इसका महत्व आज भी बरकरार है। विशेषकर तीज और गणगौर जैसे त्योहारों के अवसर पर यह इमारत आज भी शहर का केंद्र बिंदु बनी रहती है। इन आयोजनों के दौरान इसकी बालकनी पर विदेशी पर्यटकों के लिए एक खास मंच तैयार किया जाता है, जहाँ से वे इन पारंपरिक त्योहारों के भव्य जुलूस का नजारा देख सकते हैं। यह इमारत आज भी जयपुर की शाही विरासत के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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