उपनाम: पारंपरिक वास्तुकला
बिना सीमेंट और सरिया के खड़ा है 70 साल पुराना घर, अनोखी तकनीक से आज भी है एकदम मजबूत
जमुई में स्थित एक 70 साल पुराना मकान आज भी अपनी मजबूती के लिए चर्चा में है। बिना किसी आधुनिक निर्माण सामग्री के बने इस घर को खास तरीके से तैयार किए गए गारे से बनाया गया है, जो आज की तकनीक को भी मात दे रहा है।
विदेश में काम कर चुके इंजीनियर प्रशांत, कबाड़ से रच रहे कला और बना रहे प्रशांत किशोर का आश्रम
आरा के इंजीनियर प्रशांत ने नौकरी छोड़कर कबाड़ से कलाकृतियां और पारंपरिक संरचनाएं बनाने का अनूठा पेशा अपनाया है, और अब बिहटा में जनसुराज के संरक्षक प्रशांत किशोर का गांवनुमा आश्रम तैयार कर रहे हैं।
बिना पंखे और कूलर के भी ठंडे रहते हैं ये पुराने घर, जानिए क्या है 'दोहरे खंड' का राज
छतरपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में आज भी ऐसे पुराने घर मौजूद हैं, जो भीषण गर्मी में भी भीतर से ठंडे बने रहते हैं और जहां कूलर, पंखे या बिजली तक की जरूरत नहीं पड़ती। इसकी वजह है इन घरों की खास बनावट, जिसे 'दोहरे खंड' के रूप में बनाया जाता था।