उपनाम: परमाणु ऊर्जा
रक्षा से परमाणु शक्ति तक: भारत की बदलती रणनीति देख पड़ोसी देशों में क्यों मचा है हड़कंप?
भारत अब रक्षा विनिर्माण, अंतरिक्ष तकनीक और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में जिस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, उसने वैश्विक पटल पर नई बहस छेड़ दी है। सीमा पर हो रहे युद्धाभ्यास से लेकर बेल्जियम के साथ हुए बड़े रक्षा सौदों तक, भारत की यह तैयारी भविष्य के महाशक्ति बन...
रूस, अमेरिका और फ्रांस की जरूरत खत्म: भारत बनाएगा 5 स्वदेशी 'वज्रास्त्र', ऊर्जा क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अब विदेशी देशों पर निर्भर नहीं रहेगा और साल 2033 तक 5 स्वदेशी स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) तैनात करेगा, जिससे देश में बिजली की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
कुडनकुलम परमाणु संयंत्र: यूनिट-5 में 300 टन का रिएक्टर वेसल लगाने का काम पूरा
तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की यूनिट-5 में 300 टन वजन वाला रिएक्टर प्रेशर वेसल सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। इस उपलब्धि के साथ परियोजना अपने अगले निर्माण चरण में प्रवेश कर गई है।
जयपुर से कम आबादी वाला यह यूरोपीय देश, फिर भी तीन दिन वहां क्यों रहेंगे पीएम मोदी
करीब 55 लाख आबादी वाला स्लोवाकिया भले छोटा हो, लेकिन ऑटो उद्योग, परमाणु ऊर्जा, EU सदस्यता और रक्षा महत्व उसे भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम बनाते हैं। 33 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली स्लोवाकिया यात्रा है।