उपनाम: मिथिला मखाना
बिहार का मखाना दुनिया के 20 से अधिक देशों में लोकप्रिय, अगले 5 वर्षों में 30,000 टन निर्यात का लक्ष्य
बिहार का मिथिला मखाना अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी धाक जमा रहा है। राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में इसके निर्यात को 30,000 मीट्रिक टन तक पहुंचाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है।
मिथिला मखाना की वैश्विक उड़ान: ऑस्ट्रेलिया पहुंची 18 टन की पहली समुद्री खेप, दरभंगा के किसानों को मिला 18% ज्यादा दाम
बिहार के मिथिलांचल का प्रसिद्ध मखाना अब ऑस्ट्रेलिया के बाजारों में भी अपनी धाक जमाएगा। दरभंगा के किसानों से सीधे खरीदे गए 18 मीट्रिक टन मखाने की पहली समुद्री खेप ऑस्ट्रेलिया पहुंच गई है, जिससे किसानों को बाजार मूल्य से 18 फीसदी अधिक मुनाफा मिला है।
बिहार का ये 'सुपर फूड' अब देश भर में बढ़ाएगा किसानों की कमाई, सरकार ने बनाई खास योजना
मिथिला के मशहूर मखाने की बढ़ती मांग को देखते हुए अब सरकार इसका दायरा देश के अन्य राज्यों में बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इससे किसानों को पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक मुनाफा मिलने की उम्मीद है।
मखाना बना 'सफेद सोना', जीआई टैग से बदली किस्मत; दरभंगा में 750 किसान कर रहे खेती, एक बीघा में डेढ़ लाख तक मुनाफा
मिथिलांचल के तालाबों में उगने वाला मखाना जीआई टैग मिलने के बाद किसानों के लिए 'सफेद सोना' साबित हो रहा है। पारंपरिक धान-गेहूं छोड़कर किसान अब इस सुपरफूड की खेती से कई गुना ज्यादा कमाई कर रहे हैं।