उपनाम: मैंगो बेल्ट
आम के पेड़ से चाहिए ज्यादा और भारी फल, तो तुड़ाई के बाद अपनाएं यह तरीका
सहारनपुर के कृषि विशेषज्ञों के अनुसार 10 साल से अधिक उम्र के आम के पेड़ों में जिंक सल्फेट, कॉपर सल्फेट, सुहागा और नीला थोथा को गोबर की खाद के साथ मिलाकर डालने से पोषक तत्वों की कमी दूर होती है। इससे अगले सीजन में बेहतर गुणवत्ता और अधिक संख्या में फल मिलते...
नाम भले 'नकली' हो, स्वाद है बिल्कुल असली! सहारनपुर का यह खास आम बना शुगर मरीजों की पहली पसंद, मंडी में मचा रहा धूम
सहारनपुर के किसानों ने बरसों पहले 'नकली आम' नाम की एक अनोखी किस्म तैयार की, जिसे अब 'शुगर फ्री आम' के नाम से भी जाना जाता है। मीठे के साथ हल्का खट्टापन लिए यह आम मंडी में सबसे पहले पहुंचता है और बागवानों की कमाई का बड़ा जरिया बन चुका है।
दशहरी के बाद बागों में पकती है 'डिंगा' किस्म, सहारनपुर का यह आम काटकर नहीं, चूसकर खाया जाता है
सहारनपुर के मैंगो बेल्ट में उगने वाली डिंगा किस्म को 'फ्रूटी मैंगो' कहा जाता है, क्योंकि इसे काटने की जरूरत नहीं पड़ती और इसे ऊपर से हल्का काटकर सीधे चूसकर खाया जाता है। यह आम दशहरी के बाद पेड़ पर ही पक जाता है।
सहारनपुर का 52 साल पुराना यह अनोखा आम का पेड़, जिसका फल लाखों लोग चख चुके पर नाम आज तक किसी को नहीं पता
सहारनपुर के मोहम्मदपुर गुर्जर गांव में मौजूद इस 52 साल पुराने आम के पेड़ की किस्म का नाम आज तक कोई नहीं जान पाया, इसलिए इसे 'बेनाम' आम कहा जाता है। कच्चे रहते हुए भी मीठा होने के कारण लोग इसे सलाद की तरह खाते हैं।