उपनाम: इको टूरिज्म
बागेश्वर से महज 11 KM दूर है यह अनछुई जगह, यहाँ से दिखती है हिमालय की भव्य खूबसूरती
अगर आप शोर-शराबे से दूर सुकून की तलाश में हैं, तो बागेश्वर का जौलकांडे और बोरगांव आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। यहां से हिमालय की ऊंची चोटियों का शानदार दृश्य दिखाई देता है।
नैनीताल के किलबरी में छिपा है नयनादेवी जलकुंड: प्रकृति की गोद में बसा एक नया पर्यटन केंद्र
उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित किलबरी के घने जंगलों के बीच नयनादेवी जलकुंड पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभरा है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जल संरक्षण के प्रयासों के लिए चर्चा में है।
टाइगर रिजर्व के गांवों में अब घर बैठे कमाई, पर्यटन से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में होमस्टे और विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।
राजस्थान पर्यटन: सीकर के नानी बीड़ में बसा पक्षियों का संसार, 40 से अधिक प्रजातियों ने बनाया आशियाना
सीकर का नानी बीड़ संरक्षित वन क्षेत्र अब नानी पारिस्थितिकी उद्यान एवं पक्षी विहार के रूप में विकसित हो चुका है, जहां 40 से अधिक पक्षी प्रजातियां बसेरा कर रही हैं और मियावाकी तकनीक से सघन वन तैयार किया गया है।
मोटो क्वींस एडवेंचर: छत्तीसगढ़ की 18 महिला बाइकर्स ने रायपुर से बारनवापारा तक भरी रफ्तार, बनीं बदलाव की मिसाल
छत्तीसगढ़ की 18 महिला बाइकर्स के समूह 'मोटो क्वींस एडवेंचर' ने रायपुर से बारनवापारा अभ्यारण्य तक की राइड पूरी की. यह सफर महिला सशक्तिकरण, सड़क सुरक्षा और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने का अभियान बन गया, जिसे पर्यटन विभाग का भी समर्थन मिला.
लायन सफारी के बाद अब शार्क का रोमांच, सज्जनगढ़ सेंचुरी में एक्वेरियम टनल बनेगा नया पर्यटन आकर्षण
उदयपुर की सज्जनगढ़ सेंचुरी और जैविक उद्यान में अत्याधुनिक एक्वेरियम विकसित करने की योजना बन रही है, जिसका मुख्य आकर्षण शार्क टनल होगी। इसके शुरू होने पर पर्यटकों को वन्यजीवों के साथ समुद्री जीवन का अनोखा अनुभव भी मिलेगा।
350 फीट की ऊंचाई पर अनोखी दुनिया! पत्थरों पर खुद-ब-खुद उभरते शिवलिंग, भंवरकोट की गुफाओं में प्रकृति का अद्भुत खेल
कवर्धा जिले की भंवरकोट गुफाओं में सदियों से टपकती पानी की बूंदें पत्थरों को तराशकर शिवलिंग और साधु की जटाओं जैसी आकृतियां गढ़ रही हैं। करीब 350 फीट की ऊंचाई पर बसा यह क्षेत्र आस्था और प्राकृतिक धरोहर का अनूठा संगम बन गया है।