उपनाम: हैदराबाद
हैदराबाद का बदलेगा स्वरूप: बापू घाट और मूसी नदी के कायाकल्प के लिए ₹533.42 करोड़ की मंजूरी
रक्षा मंत्रालय ने हैदराबाद में गांधी सरोवर परियोजना के लिए 83.814 एकड़ जमीन देने की मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य मूसी नदी के किनारे पर्यटन और विरासत को नया रूप देना है।
रैगिंग पर सख्त एक्शन: सरकारी डेंटल कॉलेज के 12 छात्र 6 महीने के लिए निलंबित, इस तरह करते थे परेशान
हैदराबाद के एक सरकारी डेंटल कॉलेज में फर्स्ट ईयर के छात्रों की रैगिंग के आरोप में लास्ट ईयर के 12 विद्यार्थियों को पुलिस जांच पूरी होने तक छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। मामले की शिकायत सुल्तान बाजार पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है।
आईटी की चमक के बीच चार सदियों से अटल आस्था का केंद्र — रंगनाथ स्वामी मंदिर की अनोखी दास्तान
हैदराबाद के नानकरामगुडा और फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट की आधुनिक चकाचौंध के ठीक बीच खड़ा लगभग 400 साल पुराना श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर आज भी अपनी भव्यता बनाए हुए है। कुतुब शाही काल का यह मंदिर तकनीक की दुनिया के बीच शांति और इतिहास का प्रतीक बन गया है।
गोलकोंडा किले की 400 साल पुरानी शाही बावड़ी, जिसकी इंजीनियरिंग देख रह जाएंगे हैरान
हैदराबाद के गोलकोंडा किले में मौजूद शाही बावड़ी कुतुबशाही दौर की उन्नत जल प्रबंधन व्यवस्था की मिसाल है, जो आज भी अपनी बनावट और इतिहास से पर्यटकों को लुभाती है।
गोलकोंडा का नगीना बाग: जहां तपती गर्मी भी बेअसर हो जाती थी, रानियों की कहानी का असली सच क्या है?
हैदराबाद के गोलकोंडा किले का नगीना बाग कुतुबशाही दौर में रत्न और हीरों का व्यापार केंद्र था। यहां की ठंडक उन्नत वास्तुकला की देन थी, जबकि रानियों के झूले और गुलाब जल के फव्वारों की कहानियों को इतिहासकार दंतकथा मानते हैं।
रिश्वत लेते धराया वक्फ बोर्ड का इंस्पेक्टर, मस्जिद की संपत्ति दर्ज कराने के नाम पर मांगे थे 10 हजार रुपये
तेलंगाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने वक्फ बोर्ड के एक इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा। इसी दौरान एक अलग मामले में वन विभाग के रेंज अधिकारी को भी 80 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया गया।
हैदराबाद की गगनचुंबी इमारतों के बीच खड़ा सदियों पुराना पत्थर मंडप, देखकर रह जाएंगे हैरान
हैदराबाद के पाटनचेरु इलाके में आधुनिक इमारतों के बीच काकतीय दौर का माना जाने वाला एक प्राचीन पत्थर मंडप आज भी खड़ा है। इतिहास प्रेमी इसकी पुरातात्विक जांच और संरक्षण की मांग कर रहे हैं।