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एक घंटा पहले
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और काम के बढ़ते दबाव के बीच मानसिक तनाव एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है। इस तनाव से निपटने और लोगों को मानसिक सुकून देने के लिए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक बेहद अनोखी और सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है। हैदराबाद में भारत का पहला कैट थेरेपी सेंटर खोला गया है, जो इन दिनों पशु प्रेमियों और तनाव से जूझ रहे लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस खास सेंटर में आने वाले लोग बिल्लियों के साथ खेलकर और उनके साथ वक्त गुजारकर अपने मानसिक तनाव को कम कर रहे हैं।
करीब 55 बिल्लियां बनीं सहारा
हैदराबाद के इस कैट थेरेपी सेंटर की सबसे बड़ी खासियत यहाँ की बिल्लियां हैं। इस सेंटर में लगभग 55 बिल्लियां मौजूद हैं, जो आगंतुकों का स्वागत करती हैं। यह सेंटर लोगों को रोजमर्रा की चिंताओं और तनाव से दूर एक बेहद शांत, सुरक्षित और आरामदायक वातावरण प्रदान करता है। यहाँ आने वाले लोग इन बिल्लियों के साथ खेलते हैं, उन्हें सहलाते हैं और उनके साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव महसूस करते हैं, जिससे उनके दिमाग को शांति मिलती है।
क्या होती है पशु-सहायता थेरेपी?
कैट थेरेपी को वैज्ञानिक और चिकित्सा जगत में पशु-सहायता वाली गतिविधियों यानी एनिमल-असिस्टेड थेरेपी के एक रूप में देखा जाता है। इसके तहत जानवरों के साथ समय बिताना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। हैदराबाद का यह सेंटर इसी सिद्धांत पर काम कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिल्लियों के साथ समय बिताने से मानव शरीर में सकारात्मक बदलाव आते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- मनुष्यों और मूक जानवरों के बीच एक मजबूत भावनात्मक रिश्ता कायम होना।
- दैनिक जीवन की उलझनों और मानसिक तनाव के स्तर में भारी कमी आना।
- मस्तिष्क को शांत और तरोताजा महसूस कराना।
- अकेलेपन की भावना को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना।
हैदराबाद में शुरू हुआ यह अनूठा प्रयास उन लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है, जो थेरेपी के पारंपरिक तरीकों से हटकर एक नए और प्राकृतिक वातावरण में अपनी मानसिक सेहत को सुधारना चाहते हैं।
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