उपनाम: बालोद न्यूज
बालोद की महिलाओं ने पारंपरिक व्यंजनों से बदली तकदीर, देसी स्वाद के जरिए कर रही हैं तगड़ी कमाई
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की कुछ महिलाएं पारंपरिक देसी व्यंजनों को बनाकर न केवल अपनी आत्मनिर्भरता साबित कर रही हैं, बल्कि घर बैठे अच्छी कमाई भी कर रही हैं।
गांव के सरकारी स्कूल से कृषि वैज्ञानिक बनने तक का सफर: एक शिक्षक की सलाह ने बदली डॉ अलख राम गौर की किस्मत
बालोद जिले के चिखली गांव के रहने वाले डॉ अलख राम गौर ने सरकारी स्कूल से अपनी शिक्षा शुरू की और एक शिक्षक के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान को अपना करियर बनाया। आज वे एक सफल कृषि वैज्ञानिक के रूप में किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
घर-घर जाकर अचार और बड़ी बेचने वाली महिलाओं की बदली तकदीर, रेलवे स्टेशन ने दी नई उड़ान
छत्तीसगढ़ के बालोद रेलवे स्टेशन पर 'एक स्टेशन-एक उत्पाद' योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है, जहां 12 महिलाओं का एक समूह अब अपने पारंपरिक उत्पादों से आत्मनिर्भर बन रहा है।
छत्तीसगढ़ की कोसा साड़ियों का देशभर में डंका, नत्थूराम देवांगन की मेहनत से 35 सालों से बुन रही है सफलता की कहानी
छत्तीसगढ़ के बालोद के बुनकर नत्थूराम देवांगन पिछले 35 वर्षों से कोसा साड़ियों के पारंपरिक हुनर को जीवित रखे हुए हैं और अपनी कला से देश के बड़े शहरों में पहचान बना चुके हैं।
आत्मनिर्भरता की मिसाल: बालोद कलेक्ट्रेट में 9 साल से चल रही 'गढ़ कलेवा' कैंटीन, 20 रुपए में परोसे जा रहे पारंपरिक व्यंजन
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह की 11 महिलाएं पिछले 9 सालों से एक किफायती और लोकप्रिय कैंटीन चला रही हैं। यहाँ बेहद कम कीमत पर छत्तीसगढ़ी जायकों का स्वाद मिलता है, जो स्थानीय लोगों के साथ ही अधिकारियों की भी पहली पसंद बन चुका है।
गोबर से बनी आत्मनिर्भरता: महिला समूह को मिला 6 लाख रुपये के कंडों का बड़ा ऑर्डर
बालोद जिले के बघमरा गांव की जय कपिलेश्वर स्वयं सहायता समूह की 24 महिलाओं को रायपुर की एक संस्था से करीब 6 लाख रुपये का कंडे बनाने का ऑर्डर मिला है, जिससे उन्हें रोजगार और अच्छी आमदनी दोनों मिल रहे हैं।