उपनाम: भारतीय इतिहास
15 अगस्त 1947: माउंटबेटन की चाल, नेहरू की एक बड़ी चूक और गांधी की खामोश दूरी
15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली, लेकिन इस ऐतिहासिक दिन के पीछे लॉर्ड माउंटबेटन की एक खास रणनीति, जवाहरलाल नेहरू से हुई एक चूक और महात्मा गांधी की जश्न से दूरी की अनकही कहानियां छिपी हैं।
मुंगेर का अनसुलझा इतिहास: जानिए नवाब मीर कासिम की 250 साल पुरानी रहस्यमयी गुफा के बारे में
बिहार के मुंगेर में स्थित नवाब मीर कासिम की ऐतिहासिक गुफा अपने पीछे लगभग 250 साल पुराने राज छिपाए हुए है, जिसे आज भी लोग कौतूहल की दृष्टि से देखते हैं।
महारानी वीरांगना दुर्गावती का जीवन और गौरव गाथा: क्यों गोंड समाज उन्हें मानता है अपनी आराध्य देवी?
भारतीय इतिहास की महान योद्धा महारानी वीरांगना दुर्गावती के साहस और बलिदान की कहानी आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है। गोंड समाज उन्हें देवी के रूप में पूजता है और हर साल उनके बलिदान दिवस को पूरी श्रद्धा के साथ मनाता है।
National Doctors' Day 2026: डॉ. बिधान चंद्र रॉय के जीवन की अनकही गाथा और उनका योगदान
हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो महान चिकित्सक और दूरदर्शी नेता डॉ. बिधान चंद्र रॉय को श्रद्धांजलि है। आइए जानते हैं उनके संघर्षों और आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में।
चित्तौड़गढ़ का कुम्भा महल: मेवाड़ की वीरता और मीराबाई की भक्ति का जीवंत प्रमाण
चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित कुम्भा महल न केवल अपनी वास्तुकला के लिए मशहूर है, बल्कि यह पन्नाधाय के त्याग और मीराबाई की भक्ति गाथाओं का गवाह भी है।
सुल्तानपुर की सियासत का वो दिलचस्प अध्याय, जब मदन मोहन मालवीय के पुत्र गोविंद मालवीय बने थे सांसद
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले का राजनीतिक इतिहास काफी गौरवपूर्ण रहा है, जिसमें महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के बेटे गोविंद मालवीय के सांसद बनने का किस्सा बेहद खास माना जाता है। हालांकि, उनका कार्यकाल असमय निधन के कारण बीच में ही समाप्त हो गया था, जिससे...
कोहरा रियासत: 1857 की क्रांति का वो अजेय गढ़, जहाँ से लिखी गई वीरता की अमर गाथा
अमेठी की ऐतिहासिक कोहरा रियासत का इतिहास शौर्य और त्याग का जीवंत उदाहरण है, जिसकी स्थापना सन 1636 में हुई थी। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में यहाँ के शासक बाबू भूप सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस का परिचय दिया था।
वह भारतीय जिसने ब्रिटिश संसद पहुंचकर हिला दी थी अंग्रेजों की नींव
दादाभाई नौरोजी ब्रिटिश संसद में पहुंचने वाले पहले भारतीय थे, जिन्होंने 1892 में लंदन की फिन्सबरी सेंट्रल सीट जीतकर इतिहास रच दिया था। उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने उस दौर के ब्रिटिश शासकों के अहंकार को चकनाचूर कर दिया था।
International Yoga Day: 125 साल पुरानी जैन पांडुलिपि से खुले योग के कई राज
International Yoga Day के मौके पर एक प्राचीन जैन पांडुलिपि मिली है, जिसमें योग के महत्व और आध्यात्मिक परंपराओं का अनूठा वर्णन है। यह खोज भारतीय योग इतिहास के गहरे पहलुओं पर रोशनी डालती है।