उपनाम: भगवान विष्णु
निर्जला एकादशी से पूर्णिमा तक करें इन 5 मंत्रों का जाप, दूर होंगी जीवन की सभी परेशानियां
निर्जला एकादशी से लेकर पूर्णिमा तक की अवधि में विशेष मंत्रों का जाप करना आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी माना गया है। आइए जानते हैं कि किन मंत्रों के जाप से आप भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा पा सकते हैं।
निर्जला एकादशी: आर्थिक तंगी और असाध्य रोगों से मिलेगी मुक्ति, जानें इस बार का शुभ संयोग
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। हरिद्वार के पंडित श्रीधर शास्त्री के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से व्रत रखने पर व्यक्ति को विशेष लाभ और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
निर्जला एकादशी 2026: तुलसी के इन आसान उपायों से बदल सकती है किस्मत, जानें पूरी विधि
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना के साथ तुलसी के कुछ खास उपाय करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
निर्जला एकादशी 2026: इस कठिन व्रत के जरूरी नियम, पालन करने पर मिलेगा साल भर की एकादशियों का पुण्य
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन बिना जल और अन्न के उपवास रखने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
निर्जला एकादशी 2026: क्या जल पीने से टूट जाता है व्रत? जानें धार्मिक नियम और सही तरीका
निर्जला एकादशी का व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है, लेकिन शास्त्रों में कुछ विशेष परिस्थितियों और नियमों के तहत जल ग्रहण करने का उपाय बताया गया है जिससे व्रत भंग नहीं होता।
निर्जला एकादशी पर बरसेगी लक्ष्मी-नारायण की कृपा, इस बार फरीदाबाद के लिए खास है यह व्रत
25 जून 2026 को मनाई जाने वाली निर्जला एकादशी इस बार गुरुवार को पड़ रही है, जो विशेष रूप से सुख-समृद्धि और विवाह बाधाओं को दूर करने के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही है।
निर्जला एकादशी 2026: 25 जून को रखा जाएगा व्रत, पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट अभी नोट कर लें
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी निर्जला एकादशी इस बार 25 जून को मनाई जाएगी। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए इस व्रत का विशेष महत्व है, यहां जानें पूजा की पूरी तैयारी और सामग्री की जानकारी।
आषाढ़ माह 2026: कब से शुरू होगा यह पवित्र महीना, जानें तारीख और जरूरी नियम
हिंदू कैलेंडर का चौथा महीना आषाढ़ इस वर्ष 30 जून 2026 से आरंभ होकर 29 जुलाई 2026 को समाप्त होगा। जानिए इस माह से जुड़े नियम, चातुर्मास की मान्यताएं और प्रमुख व्रत-त्योहार।
Adhik Maas 2026: आज खत्म हुआ अधिक मास, जानिए अब किस वर्ष और महीने में आएगा अगला मलमास
15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या के संयोग के साथ अधिक मास संपन्न हो गया, जिससे सभी मांगलिक कार्य फिर शुरू हो जाएंगे। अगला अधिक मास वर्ष 2029 में चैत्र माह के दौरान पड़ेगा।
मूंछों वाले स्वरूप में दर्शन देते हैं श्रीकृष्ण, बिना अस्त्र-शस्त्र विराजमान हैं भगवान; 108 दिव्य देशमों में शामिल है यह मंदिर
पुरुषोत्तम मास के समापन से पहले जानिए चेन्नई के श्री पार्थसारथी मंदिर की खास बातें, जहां भगवान श्रीकृष्ण मूंछों वाले स्वरूप में और बिना किसी हथियार के भक्तों को दर्शन देते हैं।
तीन साल में एक बार आती है परम एकादशी, इस दिन करें ये उपाय और पाएं धन-धान्य का वरदान
अधिक मास में पड़ने वाली परम एकादशी अत्यंत शुभ और पुण्यदायी मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ कुछ खास उपाय करने से सोई हुई किस्मत जाग सकती है और जीवन में धन-धान्य की बरकत आती है।
तीन साल में एक बार आने वाली कमला एकादशी पर करें ये उपाय, हर मुश्किल का होगा हल
अधिक मास में पड़ने वाली पुरुषोत्तमी कमला एकादशी तीन साल में एक बार आती है। इस दिन भगवान विष्णु को समर्पित कुछ खास उपाय अपनाकर पाप, आर्थिक तंगी और जीवन की परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है।
श्री वेणी माधव मंदिर प्रयागराज: त्रिवेणी के रक्षक कौन, जिनके दर्शन बिना अधूरी रहती है प्रयाग की तीर्थयात्रा; गजकर्ण राक्षस का किया था अंत
प्रयागराज में भगवान विष्णु को श्री वेणी माधव के रूप में त्रिवेणी संगम का रक्षक माना जाता है। मान्यता है कि वेणी माधव के दर्शन के बिना तीर्थराज प्रयाग की यात्रा पूरी नहीं मानी जाती।
कन्या राशि वालों पर आज बरसेगी मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा, रुके हुए काम होंगे पूरे, जानें शुभ मुहूर्त
ज्योतिष में रुचि रखने वाले लोगों के लिए कन्या राशि का दैनिक राशिफल, जिसमें आज के दिन की खास बातें और ध्यान रखने योग्य पहलुओं की जानकारी दी गई है।
जून एकादशी व्रत लिस्ट 2026: परमा और निर्जला एकादशी की तिथि, पारण समय, पूजा विधि और महत्व जानें
जून 2026 में दो एकादशी व्रत—परमा एकादशी और निर्जला एकादशी—पड़ रहे हैं। जानिए दोनों की सही तारीख, तिथि का प्रारंभ-समापन, पारण का समय, पूजा विधि और धार्मिक महत्व।