निर्जला एकादशी और गुरुवार का विशेष संयोग, कुंडली में गुरु को मजबूत करने के लिए आजमाएं ये 4 आसान उपाय धर्म 2 महीने पहले 92
निर्जला एकादशी और गुरुवार का दुर्लभ मेल 25 जून 2026 को हो रहा है। भगवान विष्णु की कृपा पाने और कुंडली में गुरु ग्रह को सशक्त बनाने के लिए ये उपाय आपके जीवन में सुख-समृद्धि ला सकते हैं।

निर्जला एकादशी और गुरुवार का अद्भुत मिलन

इस वर्ष 25 जून 2026 को निर्जला एकादशी का व्रत पड़ रहा है और संयोग से इस दिन गुरुवार भी है। ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार का दिन देव गुरु बृहस्पति को समर्पित है और एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इन दोनों का एक साथ होना आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए विशेष उपायों से न केवल भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि कुंडली में गुरु की स्थिति भी बलवान होती है, जिससे करियर और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

गुरु को मजबूत करने के लिए प्रभावी उपाय

  • पीली वस्तुओं का दान: निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर पीली चीजों का दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है। आप पीले रंग के वस्त्र, हल्दी या पीली दालों का दान कर सकते हैं। यह उपाय कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूती प्रदान करता है और वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याओं को दूर करने में सहायता करता है।
  • केले के पेड़ की पूजा: चूंकि केले का वृक्ष भगवान विष्णु और बृहस्पति देव दोनों का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन केले के पेड़ की पूजा जरूर करें। पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं। इसके बाद विष्णु मंत्रों का जाप करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाओं का अंत हो सकता है।
  • बीज मंत्र का जाप: गुरुवार और एकादशी के संयोग में गुरु के बीज मंत्र ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः का कम से कम 108 बार जाप करना लाभकारी है। यह उपाय आपके लिए उन्नति के नए द्वार खोल सकता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके जीवन में सकारात्मकता लाता है।
  • गुरुजनों और बुजुर्गों की सेवा: गुरु ग्रह का संबंध हमारे शिक्षकों और घर के बड़े-बुजुर्गों से होता है। इस खास दिन पर अपने बड़ों की सेवा करें, उनके साथ समय व्यतीत करें और उन्हें उनकी पसंद की वस्तु भेंट करें। बड़ों का आशीर्वाद आपकी विपत्तियों को दूर करने में सक्षम है।
प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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