उपनाम: अंबाला
तीन पीढ़ियों से मधुमक्खी पालन, बक्सों के साथ खेतों में डेरा डालने वाले इन लोगों की दिलचस्प तरकीब
अंबाला के बराड़ा इलाके में यमुनानगर से पहुंचे मधुमक्खी पालक फूलों की उपलब्धता के हिसाब से जगह-जगह घूमते हैं और सरसों-सूरजमुखी जैसे फूलों वाले खेतों में अपने लकड़ी के बक्से लेकर पहुंच जाते हैं।
पानी की बचत और कम खर्च: धान की सीधी बिजाई की इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों के पास बचा है थोड़ा ही समय
हरियाणा में गिरते भू-जल स्तर और बढ़ती खेती लागत को देखते हुए कृषि विभाग किसानों को धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, जिस पर 4500 रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जा रही है। अनुदान के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जून है।
रिटायरमेंट के बाद भी नहीं रुके पूर्व DSP अजय राणा, 47 एकड़ में सजाया फलों का बाग, अब तीन राज्यों तक पहुंच रही सप्लाई
हरियाणा के अंबाला जिले के थंबर गांव में पूर्व डीएसपी अजय राणा ने रिटायरमेंट के बाद 47 एकड़ में ऑर्गेनिक फल बाग तैयार किया है, जिससे सालभर उत्पादन और अच्छी आमदनी हो रही है तथा सरकार से सब्सिडी भी मिल रही है।
कैंसर से जंग ने बदली सोच, रासायनिक खेती छोड़ ऑर्गेनिक बागवानी की ओर मुड़े अंबाला के राम चौहान
हरियाणा के खुड्डा कलां गांव के किसान राम चौहान ने चार एकड़ जमीन पर 20 तरह के फलों का ऑर्गेनिक बाग तैयार किया है, जिसकी मांग पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक पहुंच चुकी है।
पशुपालकों के लिए वरदान बनी सरकारी योजना, लाखों का लोन और 50% तक सब्सिडी, जानें पूरी प्रक्रिया
हरियाणा सरकार की पशुधन इकाई स्थापना योजना के तहत पशुपालकों को लाखों रुपये का बैंक लोन और 25 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। आवेदन सरल पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है।