अंबाला में दर्दनाक हादसा: दादा के लिए खाना लेकर खेत गया 4 साल का मासूम 220 फुट गहरे बोरवेल में गिरा हरियाणा 2 महीने पहले 36
हरियाणा के अंबाला जिले में एक 4 साल का बच्चा खेलते समय खुले बोरवेल में जा गिरा, जिसे बचाने के लिए प्रशासन, सेना और एनडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं।

खेत में खेलते समय हुआ बड़ा हादसा

हरियाणा के अंबाला जिले के बराड़ा इलाके के धनौरा गांव से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ मंगलवार को 4 साल का एक मासूम बच्चा खेलते-खेलते 220 फुट गहरे बोरवेल में जा गिरा। यह हादसा तब हुआ जब बच्चा अपने पिता के साथ खेत में अपने दादा के लिए खाना लेकर पहुँचा था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और मासूम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

कैसे हुआ हादसा

घटना की जानकारी के अनुसार, निर्भय के दादा करनैल सिंह सुबह काम के लिए खेत चले गए थे। बाद में निर्भय के पिता मनजीत उनके लिए भोजन लेकर खेत पहुँचे। निर्भय ने साथ चलने की जिद की, तो पिता उसे भी अपने साथ ले गए। खेत पर पहुँचने के बाद मनजीत काम में व्यस्त हो गए और करनैल सिंह खाना खाने लगे। निर्भय थोड़ी देर तक अपने दादा के पास बैठा रहा, लेकिन फिर पास में ही खेलने लगा। इसी दौरान उसकी नजर खुले बोरवेल पर पड़ी। खेल-खेल में वह उसमें मिट्टी डालने लगा। तभी बोरवेल के आसपास की गीली मिट्टी के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह सीधे गहरे बोरवेल के अंदर जा गिरा।

बचाव कार्य की स्थिति

बच्चे के गिरने की आवाज सुनते ही पिता मनजीत और दादा करनैल सिंह बदहवास होकर बोरवेल की ओर दौड़े। उन्होंने तुरंत बच्चे को आवाज दी और खुद उसे निकालने की भरपूर कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद सुबह लगभग साढ़े सात बजे प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने बताया कि बोरवेल का व्यास लगभग 9 इंच है। बच्चे पर निरंतर नजर रखने के लिए बोरवेल के अंदर एक कैमरा डाला गया है ताकि उसकी हर गतिविधि का पता लगाया जा सके। बचावकर्मी रस्सी और अन्य उपकरणों के माध्यम से उसे बाहर निकालने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

सेना और एनडीआरएफ की टीमें तैनात

इस बचाव कार्य में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों को लगाया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के जवान पिछले 8 घंटे से भी अधिक समय से निरंतर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। जिला उपायुक्त तोमर के अनुसार, एनडीआरएफ की टीम अपने विशेष उपकरणों के साथ मौके पर मौजूद है और स्थिति को देखते हुए सेना से भी मदद माँगी गई है। प्रशासन की प्राथमिकता बच्चे को सकुशल बाहर निकालने की है।

होशियारपुर की यादें ताजा

इस तरह की घटनाएं समाज के लिए एक बड़ा सबक हैं। पिछले महीने ही पंजाब के होशियारपुर में भी इसी तरह का हादसा हुआ था, जहाँ एक 4 साल का बच्चा घर के समीप खोदे गए नए बोरवेल में गिर गया था। हालांकि, उस समय स्थानीय स्वयंसेवकों और विभिन्न बचाव एजेंसियों ने करीब 9 घंटे तक चले संघर्षपूर्ण अभियान के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाबी हासिल की थी। अंबाला में भी सभी की प्रार्थनाएं मासूम निर्भय के साथ हैं और उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही सुरक्षित वापस आएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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