मेगा CBI जांच की चुनौती, जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू को घेरा, छात्रों से जुड़ा विवाद राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 3
आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती और APPSC ग्रुप-1 परीक्षाओं में धांधली के आरोपों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। YSRCP प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को सीबीआई जांच की खुली चुनौती दी है।

आंध्र प्रदेश में परीक्षाओं को लेकर सियासी घमासान

आंध्र प्रदेश की राजनीति में आजकल परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर जबरदस्त सियासी संग्राम चल रहा है। राज्य में मेगा DSC शिक्षक भर्ती 2025 और APPSC ग्रुप-1 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। YSRCP के प्रमुख और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को इन दोनों ही मामलों की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की सीधी चुनौती दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर सरकार को लगता है कि उनके कार्यकाल में कुछ गलत हुआ है, तो जांच करवा लें, लेकिन क्या वे भी मेगा DSC घोटाले की जांच कराने का साहस जुटा पाएंगे?

सीबीआई जांच और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

ताडेपल्ली में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार मेगा DSC भर्ती में हुए कथित घोटाले से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। जगन के अनुसार, शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को बचाने के लिए ही ग्रुप-1 के पुराने और स्पष्ट मामलों को दोबारा उछाला जा रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि उनकी पार्टी ग्रुप-1 परीक्षा की सीबीआई जांच के लिए पूरी तरह से तैयार है, क्योंकि उनके समय में हुई यह परीक्षा पूरी पारदर्शिता और अदालत के दिशानिर्देशों के तहत आयोजित की गई थी। अब सवाल यह है कि क्या चंद्रबाबू नायडू और नारा लोकेश भी मेगा DSC भर्ती की सीबीआई जांच कराने की हिम्मत दिखाएंगे?

मेगा DSC भर्ती पर खड़े किए सवाल

मेगा DSC भर्ती 2025 को लेकर जगन मोहन रेड्डी ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 16,347 शिक्षक पदों की भर्ती प्रक्रिया में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। जगन के अनुसार, आंध्र प्रदेश के DSC इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा आयोजित करने जैसी जिम्मेदारी एक ही एजेंसी या अधिकारी को सौंप दी गई। उनका मानना है कि ऐसा करने से पेपर लीक होने और धांधली होने की संभावना सबसे अधिक बनी। उन्होंने इस पूरी व्यवस्था पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

आउटसोर्सिंग कर्मचारी का मेरिट लिस्ट में आना

जगन मोहन रेड्डी ने एक चौंकाने वाला उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि SCERT का एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी, जिसका नाम नवीन बताया जा रहा है, वह कथित रूप से प्रश्नपत्र तक पहुंच रखता था। आरोप है कि वह मेरिट लिस्ट में पहले स्थान पर आ गया, लेकिन विवाद गहराने के बाद उसका नाम दूसरी सूची से हटा दिया गया। इसके अलावा, खेल कोटे से जुड़ी 372 नियुक्तियों में भी धांधली के आरोप लगाए गए हैं। जगन का कहना है कि नियमों में बार-बार बदलाव किए गए और नौकरियां बेचने के ऑडियो क्लिप भी सामने आए, फिर भी सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

मंत्री के इस्तीफे की मांग और सरकार का रुख

इस पूरे मामले पर जगन मोहन रेड्डी ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि यह भर्ती प्रक्रिया आंध्र प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ एक क्रूर खिलवाड़ है। हालांकि, राज्य सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था TCS iON का स्पष्ट दावा है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत, सुरक्षित और पारदर्शी थी। सरकार का यह भी कहना है कि स्पोर्ट्स कोटे में दिए गए सभी प्रमाण पत्रों की गहन जांच के बाद ही नियुक्तियां की गई हैं, जिसमें कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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