उत्तराखंड के चमोली में भालू का खौफ: हमले से बचने के लिए गहरी खाई में गिरीं दो महिलाएं, एक की मौत भारत एक घंटा पहले 5
उत्तराखंड के चमोली जिले में जंगल में चारा लेने गई दो महिलाओं पर भालू ने हमला कर दिया, जिससे बचने की कोशिश में दोनों गहरी खाई में गिर गईं। इस हादसे में एक महिला ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गई है।

दर्दनाक हादसा: चारा लेने गई थीं महिलाएं

उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां जंगल में मवेशियों के लिए चारा जुटाने गई दो महिलाओं पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। अपनी जान बचाने की जद्दोजहद में दोनों महिलाएं अनियंत्रित होकर पहाड़ी से कई सौ फीट गहरी खाई में जा गिरीं। इस भीषण हादसे में एक महिला की मौके पर ही दुखद मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।

घटना का विवरण

यह घटना चमोली जिले के पोखरी तहसील के सिदेली गांव के पास शुक्रवार की सुबह घटी है। मिली जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाएं गांव से केवल 100 मीटर की दूरी पर स्थित जंगल में चारा इकट्ठा करने गई थीं। इसी दौरान वहां एक भालू आ धमका और उसने महिलाओं पर धावा बोल दिया। भालू के हमले से दहशत में आई दोनों महिलाओं ने अपनी जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन इसी आपाधापी में वे संतुलन खो बैठीं और पहाड़ी से नीचे गिर गईं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई और दोनों महिलाओं को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने 55 वर्षीय विमला देवी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल लाने से पहले ही महिला की सांसें थम चुकी थीं। वहीं, 42 वर्षीय दूसरी महिला लक्ष्मी देवी को गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर गढ़वाल के बेस अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है।

परिजनों और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मृतक महिला के पति चंद्रशेखर ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि भालू के जानलेवा हमले से बचने की कोशिश में उनकी पत्नी गहरी खाई में गिर गई, जो उनकी मौत का कारण बनी। प्रशासन भी इस पूरे मामले पर गंभीर है। पोखरी के तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी ने बताया कि गंभीर रूप से घायल दूसरी महिला को बेस अस्पताल पहुंचाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर हेलिकॉप्टर की व्यवस्था की गई थी, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसके बाद घायल महिला को सुरक्षित एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया।

सुरक्षा के लिए क्या जरूरी है

जंगल के निकट रहने वाले लोगों को हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। यदि किसी जरूरी काम से जंगल जाना हो, तो समूह में जाना बेहतर होता है। जंगली जानवरों से बचाव के लिए हमेशा सावधान रहना चाहिए क्योंकि वे अक्सर घात लगाकर हमला करते हैं। थोड़ी सी चूक या लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसी तरह का एक मामला महाराष्ट्र से भी सामने आया था, जहां भालू के हमले के बाद रेस्क्यू टीम ने पीड़ित को स्ट्रेचर पर 18 किमी दूर ले जाकर उसकी जान बचाई थी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप