खेल
एक घंटा पहले
6
विचारों
कोलंबो में जीत के करीब भारत और मौसम का साया
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट श्रृंखला का दूसरा और निर्णायक मुकाबला कोलंबो में जारी है। मुकाबले के तीसरे दिन का खेल खराब रोशनी और बारिश के कारण निर्धारित समय से एक घंटा पहले ही समाप्त करना पड़ा था। वर्तमान स्थिति को देखें तो भारतीय टीम पूरी तरह से श्रीलंका पर हावी नजर आ रही है। यदि मौसम ने बाधा नहीं डाली होती, तो संभव था कि तीसरे दिन ही श्रीलंकाई टीम पूरी तरह सिमट गई होती। अब सभी क्रिकेट प्रेमियों और प्रशंसकों की नजरें चौथे दिन के मौसम पर टिकी हैं कि क्या भारत अपनी जीत की लय को बरकरार रख पाएगा।
चौथे दिन का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चौथे दिन कोलंबो में बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है, जिससे खेल के रोमांच पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। 26 अगस्त को दिन के समय मौसम के मिजाज को देखें तो सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक बारिश की संभावना 70 प्रतिशत से अधिक है। इसके बाद दोपहर के सत्र में 2 बजे से 3 बजे के बीच भी बारिश होने का अनुमान है। खेल के अंतिम सत्र की बात करें तो शाम 5 बजे के करीब बारिश के आसार 53 प्रतिशत बताए जा रहे हैं, जो मैच के परिणाम पर सीधा असर डाल सकते हैं।
टीम इंडिया की जीत की राह में मुश्किल
कोलंबो के आसमान में छाये काले बादल चौथे दिन भी टीम इंडिया के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। रुक-रुक कर होने वाली बारिश खेल के ओवरों की संख्या को कम कर सकती है। यदि मौसम की मार के चलते चौथे दिन आधे दिन का खेल भी खराब होता है, तो भारत के लिए अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाना चुनौती पूर्ण होगा। ऐसी स्थिति में मेजबान श्रीलंका को मैच बचाने का सुनहरा अवसर मिल जाएगा, जिससे परिणाम निकलने की संभावना कम हो सकती है।
श्रीलंका पर फॉलो-ऑन का दबाव
मैच की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करें तो भारतीय टीम ने पहली पारी में देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल के बेहतरीन शतकों की मदद से 9 विकेट खोकर 503 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा किया था। इसके जवाब में तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंकाई टीम 8 विकेट के नुकसान पर 265 रन ही बना सकी है। मेजबान टीम को फॉलो-ऑन के संकट से उबरने के लिए कुल 304 रनों की आवश्यकता है। इसका अर्थ यह है कि श्रीलंका को अभी भी फॉलो-ऑन से बचने के लिए कम से कम 39 रनों की दरकार है। अब देखना दिलचस्प होगा कि चौथे दिन श्रीलंका के पुछल्ले बल्लेबाज टिक पाते हैं या भारतीय गेंदबाज तेजी से पारी समेटते हैं।
Comments
0 comment