महाराष्ट्र
48 मिनट पहले
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मुलाकात को लेकर प्रफुल्ल पटेल ने दी सफाई
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार गुट के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल ने हाल ही में शरद पवार से हुई अपनी मुलाकात के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है। प्रफुल्ल पटेल ने स्पष्ट किया है कि मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुई यह भेंट केवल शरद पवार का हाल-चाल जानने के लिए थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुलाकात के दौरान किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा नहीं की गई। हालांकि, उन्होंने यह संकेत जरूर दिए हैं कि गोंदिया से वापस लौटने के बाद वह 10 नवंबर के बाद शरद पवार से फिर से मुलाकात करेंगे।
प्रफुल्ल पटेल ने अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें लंबे समय तक शरद पवार के साथ काम करने का अवसर मिला है और उन्हें हमेशा उनका आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शरद पवार के प्रति उनके मन में सम्मान का भाव पहले भी था और भविष्य में भी बना रहेगा। साथ ही, उन्होंने खुशी जाहिर की कि शरद पवार का स्वास्थ्य अब सुधार की ओर है और वह अस्पताल से सुरक्षित घर पहुंच चुके हैं।
विलय की संभावनाओं पर क्या बोले पटेल
जब प्रफुल्ल पटेल से यह सवाल किया गया कि क्या इस मुलाकात में पार्टी के दोनों गुटों के विलय पर कोई बातचीत हुई है, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। पटेल ने कहा कि अस्पताल जैसे स्थान पर राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करना न तो उनकी इच्छा थी और न ही ऐसा करना नैतिकता के दायरे में उचित लगता है। उन्होंने यह स्वीकार किया कि दो लोग जब मिलते हैं तो सामान्य बातचीत होना बेहद स्वाभाविक है, लेकिन इस मुलाकात का कोई विशेष राजनीतिक एजेंडा नहीं था।
10 नवंबर के बाद की बैठक पर सबकी नजरें
प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि वह आगामी दिवाली का पर्व मनाने के लिए गोंदिया जा रहे हैं। वहां से मुंबई लौटने के पश्चात वह 10 नवंबर के बाद शरद पवार से उनके निजी आवास पर दोबारा मिलने का प्रयास करेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि शरद पवार ने भी उन्हें कहा था कि वे पहले गोंदिया से लौट आएं और उसके बाद घर पर बैठकर विस्तार से बातचीत करेंगे। पटेल ने राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर विराम लगाने की अपील की है, लेकिन 10 नवंबर के बाद होने वाली इस प्रस्तावित भेंट को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों धड़ों के एक होने की अटकलें फिर से तेज हो गई हैं।
अजित पवार गुट और गठबंधन की अंदरूनी राजनीति
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के नेतृत्व वाला अजित पवार गुट पार्टी के विलय का प्रबल समर्थक है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी यह चाहती है कि शरद पवार की एनसीपी (SP) को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA में शामिल किया जाए। हालांकि, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार जैसे नेता इस विलय के विरोध में खड़े दिखाई देते हैं। खबरों के अनुसार, ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुई मुलाकात के दौरान एनसीपी के संभावित विलय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शरद पवार को भेजे गए संदेश पर भी चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि यदि यह गठबंधन सिरे चढ़ता है, तो बीजेपी को 8 सांसदों का समर्थन हासिल हो सकता है। इसके बदले में शरद पवार के खेमे को सुप्रिया सुले के लिए केंद्र में मंत्री पद और महाराष्ट्र सरकार में वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल को वित्त मंत्रालय का महत्वपूर्ण विभाग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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