जयपुर की आमेर घाटी में नहीं थम रहा हादसों का दौर, 5 दिनों के भीतर 3 बड़ी दुर्घटनाओं में 2 की मौत और 6 लोग घायल राजस्थान 5 घंटे पहले 9
जयपुर की आमेर घाटी में तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसों का सिलसिला लगातार जारी है। बीती रात मानसरोवर से आमेर जा रही एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर 10 फीट गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें दो युवक घायल हो गए।

आमेर घाटी में बीती रात हुआ एक और दर्दनाक हादसा

राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित प्रसिद्ध आमेर घाटी में तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात घाटी के घुमावदार रास्ते पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला, जब एक अनियंत्रित बाइक अचानक 10 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस भयानक हादसे में बाइक सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से एक युवक के सिर में काफी गंभीर चोटें आई हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों पीड़ित युवक एक बाइक पर सवार होकर मानसरोवर से आमेर की तरफ जा रहे थे। जब उनकी बाइक आमेर घाटी के एक खतरनाक मोड़ से गुजर रही थी, तभी वाहन की गति अत्यधिक तेज होने के कारण चालक का उस पर से नियंत्रण पूरी तरह से छूट गया। अनियंत्रित होते ही बाइक सीधे सड़क से नीचे बनी गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की जोरदार आवाज सुनते ही आसपास मौजूद स्थानीय निवासी तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और राहत कार्य शुरू किया।

स्थानीय लोगों ने मशक्कत के बाद घायलों को खाई से निकाला

हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता का परिचय दिया। राहगीरों और स्थानीय निवासियों ने काफी कड़ी मशक्कत के बाद खाई में गिरे दोनों युवकों को बाहर निकाला। इसके पश्चात घायलों को तुरंत इलाज के लिए जयपुर के प्रसिद्ध एसएमएस अस्पताल भिजवाया गया। अस्पताल में दोनों घायलों का उपचार जारी है, जिनमें से सिर पर गंभीर चोट झेल रहे युवक की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

पाँच दिन के भीतर 3 बड़े हादसे, 2 युवकों की जा चुकी है जान

आमेर घाटी में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने अब एक गंभीर और चिंताजनक रूप ले लिया है। अगर पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते केवल पांच दिनों के भीतर ही इस घाटी क्षेत्र में तीन बड़े सड़क हादसे घटित हो चुके हैं। इन सिलसिलेवार हादसों की वजह से अब तक कुल दो युवकों की मौत हो चुकी है, जबकि छह युवक गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। लगातार हो रही मौतों और हादसों की वजह से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों में डर और भारी नाराजगी व्याप्त है।

घाटी में घटे पिछले हादसों की मुख्य वजहें इस प्रकार सामने आ रही हैं:

  • घाटी के अति-संवेदनशील और घुमावदार मोड़ों पर वाहनों की अनियंत्रित और अत्यधिक तेज रफ्तार।
  • चालकों द्वारा मोड़ों पर सही गति सीमा का पालन न करना और वाहन से नियंत्रण खो देना।
  • सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों और गति पर अंकुश लगाने वाले उपायों का अभाव।

सड़क सुरक्षा और पुलिस निगरानी बढ़ाने की उठी पुरजोर मांग

लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद आमेर घाटी में तेज रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों पर लगाम लगाने के लिए कोई प्रभावी कदम न उठाए जाने को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने घाटी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पुरजोर मांग की है। निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस उपाय नहीं किए तो आने वाले दिनों में और भी मासूम जिंदगियां गंवानी पड़ सकती हैं।

स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने प्रशासन से निम्नलिखित प्रमुख मांगें की हैं:

  • आमेर घाटी के सभी संवेदनशील और खतरनाक मोड़ों पर गति नियंत्रण के आधुनिक उपाय किए जाएं।
  • चालकों को सतर्क करने के लिए प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट चेतावनी संकेतक और स्पीड लिमिट बोर्ड लगाए जाएं।
  • घाटी क्षेत्र में नियमित पुलिस निगरानी बढ़ाई जाए और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
  • सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी पुख्ता इंतजाम जल्द से जल्द धरातल पर उतारे जाएं।

अब मुख्य सवाल यह बना हुआ है कि आमेर घाटी में हादसों के इस अंतहीन सिलसिले को रोकने के लिए संबंधित जिम्मेदार विभाग और प्रशासन कब जागेगा और सड़क सुरक्षा को लेकर कब ठोस कदम उठाए जाएंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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