राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने देश के खिलाफ साजिश रचने वाले आतंकियों पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय सदस्य मुफ्ती मोहम्मद असगर खान को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित कर दिया है। असगर खान लंबे समय से सीमा पार बैठकर भारत के खिलाफ विभिन्न आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में उसके खतरनाक मंसूबों और गतिविधियों का खुलासा हुआ है।
कौन है मुफ्ती मोहम्मद असगर खान?
सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान को आतंकी नेटवर्क में मुख्य रूप से अबू साद और साद जिमी के नाम से भी जाना जाता है। वह पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रहकर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करता है। वह न केवल PoK में जैश-ए-मोहम्मद का अमीर है, बल्कि उसके टेरर विंग यानी आतंकवादी विंग का प्रमुख भी है।
नगरोटा हमले का मास्टरमाइंड और आतंकी गतिविधियों में भूमिका
मुफ्ती मोहम्मद असगर खान का नाम भारत में हुए कुख्यात नगरोटा हमले से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। जांच में यह साबित हुआ है कि उसने ही इस हमले की पूरी साजिश रची थी और इसे अंजाम दिलवाया था। इसके अलावा, भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में उसकी भूमिका बेहद सक्रिय रही है। उसके प्रमुख कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- भर्ती अभियान: वह जैश-ए-मोहम्मद के लिए नए आतंकियों को भर्ती करने का काम करता है।
- आतंकी प्रशिक्षण: वह PoK के मुजफ्फराबाद में बकायदा आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलाता है, जहां युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है।
- साजिशें रचना: वह भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने के लिए लगातार नए षडयंत्र रचता रहता है।
गृह मंत्रालय के इस फैसले के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है। सरकार की इस कार्रवाई से मुफ्ती मोहम्मद असगर खान का असली चेहरा पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है और वैश्विक स्तर पर उसके खिलाफ घेराबंदी मजबूत होगी।
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