गया हावड़ा एक्सप्रेस में दरोगा दंपत्ति और मासूम बच्चे के साथ मारपीट, मदद के लिए नहीं आए टीटी और हेल्पलाइन नंबर 1930 बिहार 3 महीने पहले 127
गया से हावड़ा जा रही ट्रेन में सीट को लेकर हुए विवाद के बाद दबंगों ने दरोगा पति-पत्नी और उनके 4 साल के बच्चे के साथ मारपीट की, जिसके बाद पीड़ित दंपत्ति ने काशीचक स्टेशन पर ट्रेन रोककर हंगामा किया।

बिहार के नवादा जिले से रेल सुरक्षा को लेकर एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। चलती ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलते हुए कुछ स्थानीय दबंग युवकों ने एक दरोगा दंपत्ति और उनके मासूम बच्चे के साथ जमकर मारपीट की। यह पूरी घटना 13024 गया हावड़ा एक्सप्रेस में घटी, जहां सीट पर बैठने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद इस कदर बढ़ गया कि अपराधियों ने पुलिस विभाग में तैनात कानून के रखवालों पर ही हमला कर दिया। इस दौरान सबसे बड़ी लापरवाही रेलवे के सुरक्षा तंत्र की रही, जहां संकट के समय न तो कोई हेल्पलाइन काम आई और न ही ट्रेन में तैनात किसी रेलकर्मी ने उनकी पुकार सुनी। इस घटना से आक्रोशित पीड़ित दरोगा दंपत्ति को इंसाफ के लिए काशीचक रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंजन के आगे खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा।

सीट पर कब्जे को लेकर नवादा में शुरू हुआ विवाद

पीड़ित रेल यात्रियों की पहचान पूजा कुमारी और उनके पति हरिओम के रूप में हुई है। यह दोनों ही पेशे से दरोगा हैं और वर्तमान में झारखंड के पाकुड़ जिले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पति-पत्नी गया से अपनी यात्रा शुरू कर वापस पाकुड़ अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे। जब उनकी ट्रेन नवादा रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तो कुछ स्थानीय युवक बिना टिकट के ही ट्रेन के वातानुकूलित कोच B2 में जबरन दाखिल हो गए। इन युवकों ने कोच में घुसते ही दरोगा हरिओम को उनकी सीट से धक्का देकर जबरदस्ती हटाने की कोशिश की और खुद वहां बैठने लगे। जब दरोगा हरिओम ने इस गैरकानूनी हरकत का कड़ा विरोध किया, तो युवक भड़क गए और उनके साथ गाली-गलौज करने पर उतारू हो गए।

काशीचक स्टेशन पर साथियों को बुलाकर किया हमला, ट्रेन का वैक्यूम काटा

कोच के भीतर शुरू हुआ यह विवाद नवादा स्टेशन से ट्रेन के आगे बढ़ने पर हिंसक रूप ले चुका था। पीड़ित महिला दरोगा पूजा कुमारी के अनुसार, उन दबंग युवकों ने ट्रेन के अंदर ही उनके पति, उनके साथ और उनके महज 4 वर्षीय मासूम बेटे के साथ भी मारपीट की। मारपीट करने के बाद आरोपियों ने पीड़ित परिवार को अगले स्टेशन काशीचक पर देख लेने की गंभीर धमकी दे डाली। जैसे ही ट्रेन काशीचक स्टेशन के नजदीक पहुंची, आरोपियों ने ट्रेन का वैक्यूम काट दिया ताकि गाड़ी आगे न जा सके। इसके बाद, आरोपियों ने काशीचक रेलवे स्टेशन पर पहले से ही फोन करके बुलाए गए अपने कुछ अन्य स्थानीय गुंडे साथियों के साथ मिलकर पीड़ित दरोगा दंपत्ति पर धावा बोल दिया और उनके साथ दोबारा जमकर मारपीट की।

हेल्पलाइन 1930 और ऑन-ड्यूटी टीटी रहे पूरी तरह निष्क्रिय

इस पूरी वारदात के दौरान रेलवे सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की घोर निष्क्रियता देखने को मिली। ट्रेन के भीतर दबंगों की धमकी और अभद्र व्यवहार से डरे-सहमे दरोगा दंपत्ति ने तुरंत मदद हासिल करने के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। लेकिन, इस हेल्पलाइन नंबर से उन्हें कोई भी मदद नहीं मिल पाई। गंभीर संकट की इस स्थिति में यात्रियों ने ट्रेन में ड्यूटी पर मौजूद टीटी को भी इस पूरे वाकये से अवगत कराया और आरपीएफ की तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि टीटी की तरफ से भी उनकी सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया और उन्हें उनके हाल पर ही छोड़ दिया गया, जिसके कारण काशीचक स्टेशन पर उपद्रवियों को बेखौफ होकर हमला करने का मौका मिल गया।

एक घंटे तक रुकी रही ट्रेन, आरपीएफ के पहुंचने पर दर्ज हुई शिकायत

काशीचक रेलवे स्टेशन पर हुई इस बर्बर मारपीट और रेलवे प्रशासन के उदासीन रवैये से पीड़ित दरोगा दंपत्ति का गुस्सा फूट पड़ा। अपने आत्मसम्मान और सुरक्षा के लिए उन्होंने काशीचक रेलवे स्टेशन पर ही ट्रेन के आगे खड़े होकर न्याय की मांग शुरू कर दी। दरोगा पति-पत्नी के इस कड़े विरोध के चलते पूरी ट्रेन वहीं ठप हो गई और गया हावड़ा एक्सप्रेस लगभग 1 घंटे तक काशीचक स्टेशन पर ही खड़ी रही। घटना के काफी समय बीतने के बाद नवादा से आरपीएफ की एक टीम मौके पर पहुंची। आरपीएफ के अधिकारियों ने आक्रोशित दरोगा दंपत्ति को काफी समझाया और मामले में सख्त कार्रवाई का पूरा भरोसा दिलाया, जिसके बाद ही पीड़ित महिला यात्री शांत हुईं और ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया जा सका। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इस रूट पर सफर करने वाले आम यात्रियों के साथ ऐसी बदसलूकी की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन अब तक कोई सख्त कदम उठाने में नाकाम रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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