वाराणसी एयरपोर्ट पर गोली चलने की घटना, जानें हथियार ले जाने के कड़े नियम और सुरक्षा प्रक्रिया भारत 5 घंटे पहले 2
वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्री की पिस्तौल से चली गोली में दो कर्मचारी घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद विमान यात्रा के दौरान हथियार ले जाने से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े हो गए हैं।

वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षा में बड़ी चूक

वाराणसी एयरपोर्ट पर हाल ही में हुई एक चौंकाने वाली घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार की सुबह हुई इस घटना में एक यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल से अचानक गोली चल गई, जिसकी चपेट में आने से दो एयरपोर्ट कर्मचारी घायल हो गए। घायल कर्मचारियों की पहचान रोहित राज और सुमन कुमारी के रूप में हुई है, जो वहां स्क्रीनिंग स्टाफ के तौर पर तैनात थे। घायलों को तुरंत उपचार के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

घटना का विवरण और जांच

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कमलेश केदारनाथ राय नाम का यात्री एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1810 से मुंबई जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। यात्री ने नियमानुसार चेक-इन काउंटर पर अपने पास मौजूद 7.62 एमएम की पिस्तौल और 21 जिंदा कारतूस होने की जानकारी दी थी। इसके बाद यात्री को हथियार की जांच के लिए निर्धारित स्क्रीनिंग एरिया में ले जाया गया। सुरक्षा जांच की प्रक्रिया के दौरान ही अचानक पिस्तौल से एक राउंड फायर हुआ, जिससे अफरातफरी मच गई। पुलिस ने यात्री को हिरासत में ले लिया है और मामले की सघन जांच की जा रही है। मुख्य सवाल यह बना हुआ है कि क्या हथियार को स्क्रीनिंग से पहले सुरक्षा मानकों के तहत अनलोड किया गया था या नहीं।

हथियार ले जाने से जुड़े नियम

नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो यानी BCAS के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत विमान में हथियार ले जाने की प्रक्रिया अत्यंत स्पष्ट है। नियमों के अनुसार, किसी भी यात्री को विमान में हथियार ले जाने से पहले एयरलाइन के पास अनिवार्य रूप से इसे घोषित करना होता है। प्रक्रिया के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • यात्री को चेक-इन काउंटर पर ही अपने हथियार और कारतूसों की जानकारी एयरलाइन स्टाफ को देनी पड़ती है।
  • हथियार को हमेशा अनलोड यानी खाली स्थिति में रखा जाना चाहिए।
  • हथियार और कारतूस को उचित सुरक्षा बॉक्स या केस में सुरक्षित रूप से पैक किया जाना आवश्यक है।
  • स्क्रीनिंग के समय विशेष सुरक्षा अधिकारियों की देखरेख में हथियार की जांच की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह सक्रिय नहीं है।
  • घोषित हथियार को विमान के कार्गो होल्ड में रखा जाता है, इसे केबिन के भीतर ले जाने की अनुमति किसी भी परिस्थिति में नहीं होती है।

इस घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट सुरक्षा पर मंथन करने के लिए मजबूर कर दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की चूक को पूरी तरह टाला जा सके।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप