तैलीय त्वचा की देखभाल के लिए सही रूटीन: जानें डर्मेटोलॉजिस्ट से आसान टिप्स जीवनशैली 5 घंटे पहले 3
अगर आपकी त्वचा ऑयली है, तो सही स्किन केयर प्रोडक्ट्स का चुनाव करना बेहद जरूरी है ताकि चेहरे पर चिपचिपाहट और मुंहासों की समस्या न हो। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आंचल पंथ ने ऑयली स्किन के लिए सही रूटीन बनाने के सुझाव दिए हैं।

ऑयली स्किन के लिए सही स्किन केयर रूटीन की अहमियत

जिन लोगों की त्वचा तैलीय यानी ऑयली होती है, उनके लिए स्किन केयर उत्पादों का चयन करना एक बड़ी चुनौती हो सकता है। गलत उत्पादों का इस्तेमाल करने से त्वचा पर अतिरिक्त तेल आ सकता है, चिपचिपाहट महसूस हो सकती है या मुंहासों जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए, ऐसे उत्पादों को चुनना जरूरी है जो त्वचा से फालतू तेल को तो नियंत्रित करें, लेकिन उसे पूरी तरह सूखा या रूखा न बना दें। प्रसिद्ध डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आंचल पंथ ने ऑयली और सेंसिटिव स्किन के लिए फेस वॉश, सीरम, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन के चयन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं।

ऑयली स्किन केयर के प्रमुख सुझाव

  • फेस वॉश का चुनाव: ऑयली और सेंसिटिव स्किन के लिए आपको ऐसा फेस वॉश चुनना चाहिए जो गंदगी और अतिरिक्त तेल को तो प्रभावी ढंग से हटा दे, लेकिन त्वचा की प्राकृतिक नमी को न छीने। सही फेस वॉश का इस्तेमाल त्वचा को बिना किसी तरह की जलन के साफ रखने में मदद करता है। यदि आपको मुंहासों की समस्या है, तो यह विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है।
  • सीरम का उपयोग: तैलीय त्वचा के लिए सैलिसिलिक एसिड युक्त सीरम का प्रयोग एक शानदार विकल्प माना जाता है। चूंकि सैलिसिलिक एसिड ऑयल-सॉल्युबल एक्सफोलिएंट है, यह रोमछिद्रों यानी पोर्स के भीतर गहराई तक जाकर वहां जमा तेल और गंदगी को साफ करता है। यह ब्लैकहेड्स और एक्ने को नियंत्रित करने में भी मददगार है। डॉक्टर का सुझाव है कि शुरुआती दौर में इसे कम मात्रा या कम फ्रीक्वेंसी के साथ इस्तेमाल करना सबसे अच्छा रहता है।
  • मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें: अक्सर लोग सोचते हैं कि ऑयली स्किन को मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती, लेकिन यह सच नहीं है। नियासिनामाइड और जिंक PCA युक्त हल्के मॉइस्चराइजर त्वचा को हाइड्रेशन प्रदान करने के साथ तेल उत्पादन को भी प्रबंधित करते हैं। नियासिनामाइड त्वचा की लालिमा और जलन को शांत करने में सहायक होता है। हमेशा ऐसा उत्पाद चुनें जो हल्का हो और त्वचा पर चिपचिपाहट न छोड़े।
  • सही सनस्क्रीन का महत्व: ऑयली स्किन के लिए जेल-आधारित या वॉटर-बेस्ड सनस्क्रीन सबसे बेहतर होते हैं। इनका टेक्सचर हल्का होता है, जिससे ये आसानी से त्वचा में अवशोषित हो जाते हैं और भारी महसूस नहीं होते। सही सनस्क्रीन का उपयोग न केवल हानिकारक यूवी किरणों से सुरक्षा देता है, बल्कि एक्ने के बाद चेहरे पर होने वाले पिग्मेंटेशन यानी दाग-धब्बों को बढ़ने से रोकने में भी मदद करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

स्किन केयर के अलावा कई लोग चेहरे के बालों को हटाने के तरीकों को लेकर भी असमंजस में रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार फेशियल हेयर के लिए शेविंग, वैक्सिंग और लेजर जैसे विकल्पों में से चुनाव आपकी त्वचा की प्रकृति और आवश्यकताओं के अनुसार किया जाना चाहिए।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप