होर्मुज के पास अमेरिकी हमले में चार भारतीयों की मौत का दावा कितना सच? विदेश मंत्रालय ने बताई हकीकत विश्व एक महीने पहले 29
ओमान के पास एक तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के सोशल मीडिया दावे को भारत के विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह झूठा करार दिया है। मंत्रालय का कहना है कि जहाज के कैप्टन ने सभी क्रू सदस्यों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है।

सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही एक खबर में दावा किया जा रहा था कि ओमान के नजदीक एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी हमले में चार भारतीय नाविकों की जान चली गई। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह झूठा बताया है। 'India Sentinels' नाम के एक एक्स अकाउंट ने अपनी पोस्ट में यह दावा किया था कि ओमान के पास 'MT Liaki Freedom' नामक टैंकर पर अमेरिका ने एक हफ्ते में चौथा हमला किया है और इस कथित हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस पोस्ट में विदेश मंत्रालय (@MEAIndia) और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (@CENTCOM) को भी टैग किया गया था।

विदेश मंत्रालय ने क्या स्पष्ट किया

विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट ने वायरल हो रही पोस्ट को "FAKE" न्यूज बताते हुए असलियत सामने रखी है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक मंत्रालय ने साफ किया कि 'Liaki Freedom' पर हमले और चार भारतीय नाविकों की मौत से जुड़ी रिपोर्ट पूरी तरह निराधार और झूठी है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि उसने 'Liaki Freedom' जहाज के कैप्टन से बातचीत की है, जिन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और फैलाई जा रही जानकारी पूरी तरह गलत है। विदेश मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे झूठे और बेबुनियाद दावों को लेकर सतर्क रहें और किसी भी खबर पर आधिकारिक पुष्टि के बिना भरोसा न करें।

पहले अमेरिकी हमले में हुई थी तीन भारतीयों की मौत

हाल ही में अमेरिका ने गल्फ ऑफ ओमान में एक टैंकर को निशाना बनाया था, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। ओमान की खाड़ी में 'MT Settebello' नामक एक कमर्शियल टैंकर पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में इन तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत हुई थी। इस घटना को लेकर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात कर कड़ा विरोध दर्ज कराया और वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह के हमलों को अनुचित बताया।

भारत ने जताया कड़ा विरोध

इस मामले में अपना विरोध जताने के लिए भारत ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को भी तलब किया था। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया था और इसे "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया था। हालांकि ईरान ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए इस हमले के लिए उल्टा अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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