पोस्ट ऑफिस में 5 साल की FD पर मिल रहा शानदार मुनाफा, जानिए निवेश के नियम और फायदे मेरा पैसा 2 घंटे पहले 8
अगर आप सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं, तो पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम एक बेहतरीन विकल्प है। इस योजना में निवेश करने पर मिलने वाले ब्याज और टैक्स छूट से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी यहाँ पढ़ें।

सुरक्षित निवेश का बेहतरीन जरिया

आज के दौर में हर निवेशक अपना पैसा ऐसी जगह लगाना चाहता है जहाँ जोखिम कम हो और रिटर्न निश्चित मिले। ऐसे में पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट यानी TD स्कीम एक भरोसेमंद माध्यम के रूप में उभरी है। इसे आम बोलचाल की भाषा में पोस्ट ऑफिस FD भी कहा जाता है। इसमें आपको एक निश्चित राशि एक तय समय के लिए जमा करनी होती है और मैच्योरिटी पूरी होने पर मूलधन के साथ ब्याज का भुगतान किया जाता है।

5 साल की अवधि पर आकर्षक ब्याज दर

पोस्ट ऑफिस में आप 1 साल, 2 साल, 3 साल और 5 साल की अवधि के लिए टाइम डिपॉजिट खाता खुलवा सकते हैं। अगर हम 5 साल की अवधि वाली स्कीम की बात करें, तो सरकार की ओर से इस पर 7.50% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ब्याज दर सामान्य ग्राहकों और वरिष्ठ नागरिकों दोनों के लिए एक समान है। बैंक की FD में अक्सर वरिष्ठ नागरिकों को अधिक ब्याज दर का लाभ मिलता है, लेकिन पोस्ट ऑफिस की इस योजना में किसी भी आयु वर्ग के लिए अलग से अतिरिक्त ब्याज का प्रावधान नहीं है।

निवेश की शुरुआत मात्र 1,000 रुपये से

पोस्ट ऑफिस TD में निवेश शुरू करना बेहद सरल और किफायती है। आप केवल 1,000 रुपये की न्यूनतम राशि के साथ अपना खाता खुलवा सकते हैं। इसके बाद आप अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार और भी राशि जमा कर सकते हैं। इस खाते में निवेश के लिए आप नकद या चेक का विकल्प चुन सकते हैं। निवेशकों की सुविधा के लिए इस स्कीम में नॉमिनेशन यानी नामित व्यक्ति की सुविधा भी दी गई है। इस स्कीम के तहत मिलने वाले ब्याज की गणना और भुगतान सालाना आधार पर किया जाता है।

टैक्स बचाने का खास मौका

निवेशकों के लिए 5 साल की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट का एक बड़ा आकर्षण इसमें मिलने वाला टैक्स लाभ है। यह स्कीम टैक्स सेविंग FD की श्रेणी में आती है। यदि आप इसमें निवेश करते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स में छूट का दावा किया जा सकता है। यह उन लोगों के लिए बहुत मददगार है जो निवेश के साथ-साथ अपना टैक्स भी बचाना चाहते हैं। हालांकि, टैक्स से जुड़े फायदे आपकी व्यक्तिगत स्थिति और वर्तमान सरकारी नियमों पर निर्भर करते हैं।

कौन तय करता है ब्याज दरें?

अक्सर लोग सोचते हैं कि पोस्ट ऑफिस की ब्याज दरें बैंक FD की तरह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के रेपो रेट से सीधे प्रभावित होती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। इन योजनाओं की ब्याज दरें भारत सरकार का वित्त मंत्रालय तय करता है। सरकार द्वारा हर तीन महीने में इन बचत योजनाओं की समीक्षा की जाती है, जिसके आधार पर ब्याज दरों में बदलाव या उन्हें यथावत रखने का निर्णय लिया जाता है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप