इराक में मिला 4000 साल पुराना शहर, बिना दफनाए पड़े थे 17 शव; जानें इसका रहस्यमयी इतिहास विश्व एक घंटा पहले 1
इराक के कुर्दिस्तान इलाके में पुरातत्वविदों ने 4000 साल पुराने एक प्राचीन शहर के अवशेष खोजे हैं, जहां घेराबंदी वाले युद्ध के साफ निशान और 17 बिना दफनाए शव मिले हैं। इस जगह को प्राचीन शहर काबरा माना जा रहा है।

इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में पुरातत्वविदों को एक ऐसी खोज हाथ लगी है, जो हजारों साल पुराने इतिहास के पन्ने खोल सकती है। यहां वैज्ञानिकों ने 4000 साल पुराने एक प्राचीन शहर के प्रमाण ढूंढ निकाले हैं। कुर्द कबुर्स्तान नाम की इस जगह पर खुदाई के दौरान कई हैरान कर देने वाली चीजें सामने आई हैं। यहां घेराबंदी वाले युद्ध (सीज वारफेयर) के गहरे निशान साफ देखे जा सकते हैं। माना जा रहा है कि यह स्थल प्राचीन शहर काबरा का है, और यह खोज मेसोपोटामिया के इतिहास को समझने की दिशा में बेहद अहम साबित हो सकती है।

इस शोध का नेतृत्व यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा की प्रोफेसर टिफनी अर्ली-स्पाडोनी कर रही हैं। शोध दल को एरबिल क्षेत्र में पहली बार क्यूनिफॉर्म एडमिनिस्ट्रेटिव टैबलेट्स का एक बड़ा समूह मिला है। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर हुई तबाही और सामूहिक कब्रों के सबूत भी सामने आए हैं। रिसर्चर्स को यहां 17 ऐसे शव मिले हैं, जिन्हें दफनाया नहीं गया था। ये सभी प्रमाण मिडिल ब्रॉन्ज एज के दौरान इस शहर के जीवन और उसके पतन की दर्दनाक कहानी बयां करते हैं।

खुदाई में मिले कौन-से अहम सबूत?

शोधकर्ताओं को लोअर टाउन ईस्ट पैलेस के मलबे में से 20 क्यूनिफॉर्म टैबलेट्स बरामद हुई हैं। इनके अलावा 100 से अधिक एडमिनिस्ट्रेटिव सीलिंग्स भी मिली हैं। इन सामग्रियों का अध्ययन जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी और येल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ कर रहे हैं। इन टेक्स्ट्स में महल से जुड़े प्रशासनिक रिकॉर्ड शामिल हैं।

टिफनी अर्ली-स्पाडोनी ने बताया, ‘ज्यादातर टैबलेट्स प्रशासनिक हैं और ये उस दौर के जीवन की झलक हमारे सामने रखते हैं।’ उनके अनुसार, एक टैबलेट किसी बड़े अधिकारी ने लिखी थी, जिसका संबंध काबरा से हो सकता है।

शहर में कैसे हुई भयंकर तबाही और घेराबंदी?

खुदाई में मिले गिरे हुए ढांचे और जली हुई परतें इस बात की ओर इशारा करती हैं कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया हमला था। माना जा रहा है कि यह हमला काफी लंबे समय तक चलता रहा। टिफनी के मुताबिक, मलबे से मिले मिट्टी के बर्तन और जले हुए हिस्से घेराबंदी वाले युद्ध का सबसे स्पष्ट प्रमाण हैं।

उत्तरी मेसोपोटामिया में यह अब तक की सबसे बड़ी खोज मानी जा रही है। यह तबाही काबरा की घेराबंदी और शमशी अद्दू की जीत के ऐतिहासिक विवरणों से पूरी तरह मेल खाती है, जिससे इस स्थल की पहचान और भी मजबूत होती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!