भागलपुर में आधी रात नशे के खिलाफ छापेमारी बनी बवाल, महिलाओं की पिटाई का आरोप बिहार 2 घंटे पहले 3
भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र के अंबाबाग में नशीले पदार्थ की तलाश में पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने महिलाओं समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों की पिटाई का आरोप लगाया है। पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है।

भागलपुरः बिहार के भागलपुर में बीती रात नशीले पदार्थ की बरामदगी के लिए पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र के अंबाबाग की है। मिली जानकारी के अनुसार, आधी रात बबरगंज पुलिस तीन गाड़ियों में सवार होकर करीब 25 जवानों के साथ छापेमारी करने पहुंची थी। घायल लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने तीन-चार घरों में घुसकर तलाशी ली और जब कुछ बरामद नहीं हुआ तो महिलाओं के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं पर डंडे चलाए, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक महिलाएं चीखती-चिल्लाती रहीं, लेकिन पुलिसकर्मी डंडों से उनकी पिटाई करते रहे।

घायलों की पहचान रेखा देवी, रुकड़ी देवी, लाल कुमार, सचिन कुमार, राधा कुमारी, अनु कुमारी, अंजली, आशा किरण देवी, साक्षी कुमारी और राजू देवी के रूप में हुई है। एक महिला के सिर में गंभीर चोट आई और उसका सिर फट गया। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में भी लिया है।

परिजनों ने सुनाई घटना की पूरी कहानी

घायल के परिजन राहुल कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह बबरगंज थाने के चालक अमित कुमार अंबाबाग पहुंचे और घर का दरवाजा खोलने को कहा। उस समय घर में महिलाएं स्नान कर रही थीं। राहुल के मुताबिक उन्होंने पुलिसकर्मी से कहा कि छापेमारी करनी है तो पूरी टीम के साथ आइए, सिविल ड्रेस में होने के कारण उन्हें घर के अंदर घुसने कैसे दिया जा सकता है। इसी बात पर कहासुनी शुरू हो गई। राहुल का आरोप है कि चालक अमित कुमार गाली-गलौज करने लगे। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। भीड़ बढ़ती देख अमित कुमार को लगा कि लोग उनके साथ मारपीट कर सकते हैं, इसी डर में वह भागने लगे और गिर गए, जिससे उनके हाथ में हल्की चोट लग गई।

घर का दरवाजा तोड़ने का आरोप

राहुल ने बताया कि कुछ देर बाद अमित कुमार डायल-112 की टीम के साथ मौके पर लौटे, लेकिन तब मामला शांत हो गया और दिनभर हालात सामान्य रहे। हालांकि रात करीब 11 बजे बबरगंज थाना पुलिस तीन गाड़ियों में लगभग 25 जवानों के साथ फिर पहुंच गई। आरोप है कि पुलिस ने घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा खुलने का इंतजार किए बिना दूसरे रास्ते से अंदर घुसने लगी। इस दौरान प्रकाश चौधरी और जितेंद्र चौधरी के घर का दरवाजा भी तोड़ दिए जाने का आरोप है। पुलिस कई लोगों को पकड़कर अपने साथ ले गई।

कई लोग हिरासत में, इलाज जारी

दूसरी ओर, घायल हुए लगभग एक दर्जन लोग रात करीब एक बजे इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के गेट के पास काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। घायलों का इलाज चल रहा है और बताया जा रहा है कि इनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है।

पुलिस ने आरोपों को नकारा

मामले पर डीएसपी राकेश कुमार ने बताया कि नशीले पदार्थों की बिक्री की सूचना मिली थी और इसी आधार पर पुलिस टीम छापेमारी करने गई थी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस का विरोध किया। हालांकि डीएसपी ने महिलाओं के साथ मारपीट किए जाने के आरोपों से साफ इनकार किया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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