बिहार
3 घंटे पहले
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बिहार के हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर इन दिनों यात्रियों की भारी भीड़ का नजारा देखने को मिल रहा है। हालत यह है कि कई लोग ट्रेन के दरवाजों और फुटबोर्ड पर बैठकर अपनी यात्रा पूरी करने को मजबूर हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि डिब्बों के भीतर खड़े होने तक की जगह नहीं बच रही। ऐसे में कई यात्रियों ने रेलवे की व्यवस्था और सुविधाओं को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
सीट नहीं मिली तो गेट पर बैठकर सफर
अंबाला जाने वाले यात्री दशरथ मंडल ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि उन्हें ट्रेन में बैठने तक की जगह नहीं मिल पाई। मजबूरी में उन्हें गेट पर बैठकर ही सफर करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, “हम इसी तरह सफर करके आ रहे हैं। सीट नहीं मिली, इसलिए गेट पर बैठकर जा रहे हैं। यहां से अंबाला जाना है। हम मजदूर आदमी हैं, मजबूरी में ऐसे ही जाना पड़ता है। अंबाला में किसान के यहां काम करते हैं।”
दशरथ मंडल की तरह ही कई मजदूर और कामकाजी लोग बेहतर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। लेकिन ट्रेनों में बेतहाशा भीड़ उनके इस सफर को जोखिम भरा बना रही है।
यात्रियों ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
एक अन्य यात्री मोहम्मद अमताभ ने भी रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा, “इतनी भीड़ है, लेकिन सरकार को यह परेशानी दिखाई नहीं दे रही है। ट्रेन के अंदर खड़े होने तक की जगह नहीं है। यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है।”
एक और यात्री ने चिंता जताते हुए सुझाव दिया कि जिस स्टेशन से ट्रेन रवाना होती है, वहीं से यात्रियों की संख्या और भीड़ का सही आकलन किया जा सकता है। उन्होंने सरकार और रेलवे प्रशासन से इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की।
अतिरिक्त कोच और विशेष ट्रेनों की मांग
भीड़ से परेशान एक यात्री ने कहा कि रेलवे को अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करने की जरूरत है। जिस स्टेशन से ट्रेन खुलकर चलती है, वहीं से यात्रियों की संख्या का सही आकलन होना चाहिए। अगर शुरुआती स्टेशन पर ही भीड़ अधिक है, तो तुरंत अतिरिक्त कोच जोड़े जाने चाहिए।
हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोगों का कहना है कि विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करके ही यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक सफर मुहैया कराया जा सकता है। यात्रियों ने मांग की कि भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त कोच या विशेष ट्रेनें चलाई जाएं, ताकि लोगों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा मिल सके।
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