क्रिकेट
2 घंटे पहले
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विचारों
क्रिकेट के मैदान पर सीनियर और दिग्गज गेंदबाजों ने बल्लेबाजों को कड़वी बातें और गालियां सुनाई हैं, यह कोई नई बात नहीं। लेकिन ऐसा बहुत कम देखा गया है कि किसी खिलाड़ी ने पलटकर धक्का-मुक्की कर दी हो। मगर यह 2026 है। मैदान पर उतर रहे नई पीढ़ी (Gen-Z) के युवाओं का जोश कई बार संयम की सीमा लांघ जाता है। अगर सामने वाला स्लेजिंग करता है तो उसे उसी की भाषा में जवाब देने की कोशिश होती है, जो खेल भावना के लिहाज से कतई उचित नहीं ठहराई जा सकती।
15 साल के उभरते भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी इसी प्रवृत्ति की चपेट में आते दिखे। श्रीलंका-ए और इंडिया-ए के मुकाबले के बाद हुए विवाद के दृश्य सबके सामने हैं और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
उकसावे का जवाब हाथापाई नहीं
हो सकता है कि वैभव के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल हुआ हो और उन्हें भड़काने के लिए गालियां दी गई हों। मगर इसका यह अर्थ कतई नहीं कि वह मैदान पर ही किसी को धक्का दे दें। जिस रफ्तार से वैभव का बल्ला सुर्खियां बटोर रहा है, उतनी ही तेजी से उनका आक्रामक व्यवहार भी चर्चा में आता जा रहा है।
पहली बार नहीं हुआ ऐसा
यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले अंडर-19 एशिया कप में पाकिस्तान के तेज गेंदबाज अली रजा के साथ भी उनका टकराव हो चुका है। उस मुकाबले में आउट होने के बाद वैभव ने अपना जूता दिखा दिया था।
करियर के लिए खतरे की घंटी
अब यह सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि वैभव महज अति-उत्साही हैं या फिर हद से ज्यादा आक्रामकता के शिकार हो रहे हैं। यह आदत उनके लंबे और चमकदार करियर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। बेहतर यही होगा कि यह युवा सितारा अपनी भावनाओं पर काबू रखना सीखे, क्योंकि प्रतिभा के साथ संयम भी उतना ही जरूरी है।
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