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एक घंटा पहले
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कराची में दिनदहाड़े फायरिंग से हड़कंप
पाकिस्तान के कराची शहर स्थित ल्यारी इलाके में गुरुवार की शाम को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। इस घातक हमले में 40 वर्षीय जुबैर बलोच गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनके साथ मौजूद दो राहगीर भी फायरिंग की चपेट में आकर जख्मी हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही तीनों घायलों को तुरंत उपचार के लिए कराची के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
हमलावरों ने रची साजिश
चाकीवाड़ा पुलिस के अनुसार, वारदात मुख्य चाकीवाड़ा रोड पर उस समय हुई जब जुबैर बलोच अपने घर के पास सिंगू लेन में बैठे हुए थे। दक्षिण कराची के DIG सैयद असद रजा ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए हथियारबंद हमलावरों ने अचानक जुबैर पर गोलियां बरसा दीं। हमलावर अपने चेहरे ढके हुए थे। इस बीच, पास की एक दुकान के मालिक ने साहस दिखाते हुए जवाबी फायरिंग की, जिससे हमलावर मौके से फरार होने पर मजबूर हो गए। पुलिस अब इस पूरे मामले की विभिन्न कोणों से जांच कर रही है, जिसमें पुरानी रंजिश और गैंगवार की संभावनाओं को प्रमुखता से देखा जा रहा है।
जुबैर बलोच की गंभीर स्थिति
अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, जुबैर बलोच के सीने और पेट में कई गोलियां लगी हैं। चिकित्सकों की एक टीम उनकी जान बचाने की कोशिश में जुटी है और उनका ऑपरेशन किया जा रहा है। घायल हुए राहगीरों में से भी एक की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। जुबैर बलोच का आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उन्हें वर्ष 2012 में कुल 7 गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वह जेल में थे। हाल ही में, जनवरी 2025 में ही वे जेल से रिहा होकर बाहर आए थे।
इलाके में गैंगवार की वापसी का खौफ
ल्यारी के एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने इस घटना को चिंताजनक बताते हुए कहा कि जुबैर कुछ महीने पहले ही एक राजनीतिक दल से जुड़े थे और अपने क्षेत्र में उन्होंने पार्टी के झंडे भी लगाए थे। स्थानीय लोगों के बीच इस बात की चर्चा है कि कराची ऑपरेशन के समय दुबई और ईरान भागने वाले गैंगस्टर वापस लौट रहे हैं। विशेषकर अमेरिका-ईरान तनाव के बाद से यह आशंका जताई जा रही है कि पुराने अपराधी सक्रिय हो रहे हैं, जिससे ल्यारी के आम निवासियों में फिर से पुराने खूनी गैंगवार का डर व्याप्त हो गया है।
उजैर बलोच पर कानूनी शिकंजा
दूसरी ओर, कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच खुद भी सलाखों के पीछे है और कई गंभीर मुकदमों का सामना कर रहा है। इसी साल मार्च के महीने में आतंकवाद निरोधी अदालत यानी ATC ने हत्या, विस्फोटक अधिनियम और पुलिस मुठभेड़ से संबंधित 7 अलग-अलग मामलों में उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। उजैर पर वर्ष 2012 में कलाकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुरक्षा बलों पर हथियारों से हमला करने का आरोप है। इससे पहले, अप्रैल 2020 में सैन्य अदालत ने उसे जासूसी के मामले में दोषी करार देते हुए 12 साल कैद की सजा सुनाई थी। गौरतलब है कि उजैर और जुबैर, दोनों ही रहमान डकैत के भाई हैं।
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