उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट: सचिव विनय शंकर पांडे ने भ्रामक खबरों पर दिया करारा जवाब, कहा- सब कुछ पारदर्शी है भारत 4 घंटे पहले 2
उत्तराखंड के उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से जुड़े आंकड़ों पर उठ रहे सवालों का खंडन करते हुए कहा कि निवेश से संबंधित सभी विवरण सरकारी पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और अब तक 1 लाख 1 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की ग्राउंडिंग पूरी हो चुकी है।

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर भ्रम फैलाने वालों को उद्योग सचिव की दो टूक

उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 के दौरान हुए निवेश को लेकर सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। इस मामले में मुख्यमंत्री के सचिव और उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि राज्य में निवेश से जुड़े सभी आंकड़े पूरी तरह सार्वजनिक हैं और हर परियोजना का पूरा कच्चा-चिट्ठा संबंधित सरकारी वेबसाइटों पर देखा जा सकता है। उन्होंने बिना तथ्यों की जानकारी के निवेश पर संदेह पैदा करने वाली धारणाओं को सिरे से खारिज किया। सचिव ने बताया कि सरकार की निरंतर मेहनत का ही परिणाम है कि राज्य में अब तक 1 लाख 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की ग्राउंडिंग धरातल पर हो चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन और औद्योगिक नीतियां

सचिव उद्योग ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति देश के अन्य हिस्सों से बिल्कुल अलग है। राज्य का करीब 70 प्रतिशत क्षेत्र वनों से घिरा हुआ है, जिसके कारण बड़े उद्योगों की स्थापना मुख्य रूप से देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के चुनिंदा इलाकों तक ही सीमित है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को ध्यान में रखते हुए ही राज्य की औद्योगिक नीतियां डिजाइन की गई हैं। इन नीतियों का मूल मंत्र यह है कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच एक मजबूत संतुलन बनाकर राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएं।

3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों का सच

दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के आंकड़ों पर बात करते हुए सचिव ने बताया कि उस दौरान कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों या एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे। इन कागजी प्रस्तावों को वास्तविक रूप देने के लिए सरकार ने समय-समय पर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की हैं। निवेशकों की राह आसान करने के लिए निवेश मित्रों की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिन्होंने निवेशकों और सरकारी तंत्र के बीच एक कड़ी की भूमिका निभाई और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद की।

पोर्टल पर निवेश का हर डेटा मौजूद

विनय शंकर पांडे ने कहा कि निवेश की पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उद्योग विभाग के पोर्टल, यूके स्पाइस और सिंगल विंडो सिस्टम पर पूरा विवरण दर्ज है। यहां परियोजनाओं के स्थान से लेकर संबंधित विभागों की सूची तक सब कुछ दर्ज है। उन्होंने याद दिलाया कि यही मुद्दा लगभग 8 महीने पहले भी सोशल मीडिया पर उठाया गया था, जिसका जवाब सरकार ने तथ्यों के साथ दिया था। इसके अलावा, विधानसभा के पटल पर भी निवेश की स्थिति को कई बार स्पष्ट किया जा चुका है। ऐसे में पुराने तथ्यों को नजरअंदाज कर फिर से सवाल उठाना तर्कसंगत नहीं है।

स्थानीय निवेशकों का अपमान बर्दाश्त नहीं

छोटे उद्यमियों के प्रति जताई जा रही नकारात्मक टिप्पणियों पर सचिव काफी सख्त नजर आए। उन्होंने कहा कि आटा चक्की चलाने वाले, मोबाइल की छोटी दुकान खोलने वाले या अन्य छोटे व्यवसायियों के निवेश पर सवाल खड़ा करना बेहद ओछा दृष्टिकोण है। यदि कोई स्थानीय व्यक्ति अपनी मेहनत से 10 हजार रुपये लगाकर छोटा काम शुरू करता है और उससे दो लोगों को भी रोजगार मिलता है, तो वह राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा योगदान है। निवेश को केवल बड़े आंकड़ों के तराजू में तौलना गलत है, बल्कि स्थानीय आजीविका और रोजगार की दृष्टि से इसका महत्व कहीं ज्यादा है।

छोटे उद्यमियों को सम्मान देना प्राथमिकता

सचिव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में बड़े और छोटे, सभी तरह के उद्यमियों का समान रूप से सम्मान किया जाना चाहिए। स्थानीय उद्यमियों के लिए एक बेहतर वातावरण तैयार करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। छोटे व्यवसायियों के संघर्ष पर कटाक्ष करना उनकी आत्मनिर्भर बनने की ललक और उनके परिश्रम का अपमान करने के समान है। सरकार का उद्देश्य केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वरोजगार और सूक्ष्म उद्योगों को भी बढ़ावा देना है।

अगली ग्राउंडिंग के लिए 24 हजार करोड़ रुपये की तैयारी

आने वाले समय की योजनाओं का जिक्र करते हुए उद्योग सचिव ने बताया कि सरकार अब 24 हजार करोड़ रुपये के नए निवेश की ग्राउंडिंग की तैयारी कर रही है। इससे संबंधित जानकारी भी सिंगल विंडो सिस्टम पोर्टल पर उपलब्ध करवा दी गई है और जल्द ही चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे केवल अटकलों पर भरोसा करने के बजाय परियोजनाओं का खुद निरीक्षण करें और उद्यमियों से मिलकर जमीनी हकीकत जानें।

निष्कर्ष

अपनी बात समाप्त करते हुए विनय शंकर पांडे ने दोहराया कि उत्तराखंड में निवेश को लेकर सरकार की नीयत और प्रतिबद्धता बिल्कुल साफ है। पारदर्शिता, उद्यमियों को हरसंभव सहयोग और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलना ही सरकार का असली लक्ष्य है। उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों और धरातल पर हो रहे कार्यों को जरूर देखें।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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