यूजीसी नेट दिसंबर 2026: परीक्षा की तारीखें बदलीं, ड्रेस कोड और मार्किंग के नए नियमों पर एनटीए का बड़ा ऐलान करियर 4 घंटे पहले 8
एनटीए ने यूजीसी नेट दिसंबर 2026 परीक्षा के लिए नया कार्यक्रम जारी कर दिया है, साथ ही परीक्षा केंद्र के लिए सख्त ड्रेस कोड और मार्किंग से जुड़े अहम दिशा-निर्देश लागू किए हैं।

यूजीसी नेट दिसंबर 2026 परीक्षा का संशोधित शेड्यूल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट दिसंबर 2026 में सम्मिलित होने वाले उम्मीदवारों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। परीक्षा के संचालन के तरीके से लेकर केंद्र के भीतर अपनाए जाने वाले नियमों तक, कई बड़े बदलाव किए गए हैं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे इन नियमों को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि परीक्षा हॉल में जरा सी चूक भी उनकी वर्षों की तैयारी पर पानी फेर सकती है। एनटीए ने अपने संशोधित सूचना बुलेटिन में परीक्षा तिथियों, मार्किंग पैटर्न, दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त समय और रिफंड नीति पर स्पष्टता दी है।

अब यूजीसी नेट परीक्षा 14 से 18 दिसंबर और 21 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इससे पहले परीक्षा का प्रस्तावित समय 14 से 19 दिसंबर तक था। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित विषयों की सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर नजर रखें। विषयवार परीक्षा का कार्यक्रम बहुत जल्द जारी किया जाएगा।

एडमिट कार्ड और शहर की जानकारी

परीक्षा केंद्रों के चयन के लिए सिटी इंटीमेशन स्लिप 23 नवंबर 2026 से उपलब्ध कराई जाएगी। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया 7 दिसंबर 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवारों को सुझाव दिया जाता है कि सिटी इंटीमेशन स्लिप जारी होते ही अपने परीक्षा शहर की जानकारी प्राप्त कर लें। यदि केंद्र उनके शहर से दूर है, तो उन्हें यात्रा और ठहरने की व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित कर लेनी चाहिए। एडमिट कार्ड का अंतिम समय तक इंतजार करने से भागदौड़ बढ़ती है, जिससे मानसिक तनाव हो सकता है।

परीक्षा केंद्र के लिए ड्रेस कोड और सामान पर पाबंदियां

इस बार एनटीए ने परीक्षा केंद्र के नियमों में काफी सख्ती बरती है। छात्रों को परीक्षा के दौरान निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना होगा:

  • पेन की उपलब्धता: उम्मीदवारों को अपने साथ पेन ले जाने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। रफ कार्य के लिए आवश्यक पेन और पेपर परीक्षा केंद्र पर ही एनटीए द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • घड़ी पर प्रतिबंध: परीक्षा हॉल के अंदर एनालॉग, डिजिटल या स्मार्टवॉच ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। समय देखने के लिए कंप्यूटर स्क्रीन पर ही डिजिटल टाइमर मौजूद रहेगा।
  • जूते-चप्पल: परीक्षार्थियों को सलाह है कि वे हेवी शूज या ऊंचे बूट्स पहनकर न आएं। साधारण चप्पल, कम एड़ी वाली सैंडल या सामान्य जूते पहनना ही उचित है।
  • अनुमत वस्तुएं: परीक्षा केंद्र में उम्मीदवार केवल पानी की पारदर्शी (ट्रांसपेरेंट) बोतल ले जा सकते हैं। मधुमेह (डायबिटिक) रोगियों को अपनी शुगर टैबलेट्स या साबुत फल जैसे सेब या केला साथ रखने की अनुमति होगी।

मार्क फॉर रिव्यू और मार्किंग के नए नियम

एनटीए ने 'मार्क फॉर रिव्यू' वाले सवालों को लेकर चल रहे भ्रम को पूरी तरह दूर कर दिया है। मूल्यांकन के नियमों के अनुसार:

  • यदि उम्मीदवार ने किसी प्रश्न का सही उत्तर चुना है और उसे 'मार्क फॉर रिव्यू' किया है, तो उस प्रश्न का मूल्यांकन किया जाएगा। सही जवाब होने पर अंक मिलेंगे, और यदि निगेटिव मार्किंग का प्रावधान है, तो गलत उत्तर पर अंक कटेंगे।
  • यदि प्रश्न का कोई उत्तर नहीं चुना गया है और केवल उसे 'मार्क फॉर रिव्यू' के लिए चिन्हित किया गया है, तो उस प्रश्न की जांच नहीं की जाएगी। ऐसे प्रश्नों के लिए कोई अंक नहीं दिया जाएगा।

आवेदन फॉर्म सुधार और शहर आवंटन

यूजीसी नेट दिसंबर 2026 के आवेदन फॉर्म भरने के दौरान यदि कोई गलती हुई थी, तो करेक्शन विंडो बंद होने के बाद अब उनमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। जिन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में स्थायी या वर्तमान पते के अनुसार 4 से कम परीक्षा शहर उपलब्ध थे, उन उम्मीदवारों को स्क्रीन पर दिखाई देने वाले विकल्पों में से चुनाव करने का अवसर दिया गया था।

पर्सेंटाइल और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया

एनटीए की प्राथमिकता यह है कि हर विषय की परीक्षा एक ही शिफ्ट में पूरी हो जाए। यदि परीक्षा एक ही शिफ्ट में संपन्न होती है, तो पेपर-1 और पेपर-2 के प्राप्तांकों के आधार पर सीधा पर्सेंटाइल तैयार किया जाएगा। हालांकि, यदि परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण परीक्षा को एक से अधिक शिफ्ट में आयोजित करना पड़ता है, तो 'इक्वी-पर्सेंटाइल' नॉर्मलाइजेशन विधि का उपयोग किया जाएगा। ऐसी स्थिति में अंतिम कट-ऑफ नॉर्मलाइज्ड अंकों के आधार पर ही निर्धारित होगी।

दिव्यांग परीक्षार्थियों (PwD) के लिए विशेष सुविधाएं

दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए नियमों को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया गया है:

  • अतिरिक्त समय: निर्धारित मापदंडों के अनुसार मान्य दिव्यांगता प्रमाण पत्र रखने वाले उम्मीदवारों को प्रति घंटे 20 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। यानी 3 घंटे के पेपर में उन्हें कुल 1 घंटा अतिरिक्त दिया जाएगा।
  • लेखक (स्क्राइब): नियमानुसार पात्रता पूरी करने वाले उम्मीदवारों को आवश्यकता पड़ने पर लेखक (स्क्राइब) की सुविधा भी दी जाएगी।

फीस, आपत्ति और रिफंड की शर्तें

एनटीए ने आर्थिक लेनदेन से जुड़े नियमों में पारदर्शिता बनाए रखी है:

  • लेट फीस: यदि किसी विशेष परिस्थिति में लेट फीस का प्रावधान लागू होता है, तो 500 रुपये की अतिरिक्त राशि मूल परीक्षा शुल्क के साथ ली जाएगी।
  • आंसर-की चुनौती: प्रोविजनल आंसर-की में किसी प्रश्न को चुनौती देने के लिए प्रति प्रश्न 200 रुपये का शुल्क देना होगा, जो कि नॉन-रिफंडेबल होगा।
  • रिफंड नीति: यदि तकनीकी कारणों से दो बार भुगतान हो गया है या लेनदेन असफल रहने के बावजूद पैसा कट गया है, तो सत्यापन के बाद एनटीए उस राशि को संबंधित बैंक खाते में रिफंड करेगा।
देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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