सॉरी मम्मी मैं ऐसे जा रही हूं... देहरादून में शादी के महज 8 महीने बाद सरकारी शिक्षिका ने दी जान, सुसाइड वीडियो आया सामने भारत एक घंटा पहले 4
उत्तराखंड के देहरादून में एक नवविवाहिता ने शादी के केवल 8 महीने बाद खुदकुशी कर ली। मौत से पहले बनाए वीडियो में उसने अपनी मां से दर्द बयां किया है, जिसके बाद पुलिस ने पति, सास और ननद पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां वैवाहिक जीवन की शुरुआत के महज 08 महीने बाद ही एक नवविवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सात फेरे लेकर जीवन भर साथ निभाने का वादा करने वाले दंपति के रिश्ते का ऐसा दर्दनाक अंत होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। आत्महत्या करने से पहले युवती ने एक भावुक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने रोते हुए कहा, "सॉरी मम्मी मैं ऐसे जा रही हूं लेकिन अब और सहन नहीं होता।" इस घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।

आखिरी वीडियो संदेश और दर्दनाक मौत

यह मामला देहरादून के डोईवाला क्षेत्र का है, जहां नवविवाहिता सृष्टि कंडारी की मौत के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दम तोड़ने से पहले सृष्टि ने जो वीडियो बनाया, उसने सबको झकझोर कर रख दिया है। अपनी मां को संबोधित करते हुए उसने जो आखिरी शब्द कहे, वे उसके भीतर चल रहे मानसिक द्वंद्व और पीड़ा को बयां करते हैं। इस आत्मघाती कदम को उठाने के पीछे ससुराल वालों की प्रताड़ना को मुख्य वजह बताया जा रहा है। मृतका सृष्टि कंडारी पेशे से एक सरकारी शिक्षिका थीं और उनका इस तरह दुनिया से चले जाना उनके परिवार के लिए एक कभी न भरने वाला जख्म बन गया है।

दहेज और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप

सृष्टि के मायके वालों ने उसकी मौत को सामान्य आत्महत्या मानने से इनकार किया है। मृतका की मां सीमा कंडारी ने अपनी बेटी की हत्या किए जाने का आरोप सीधे तौर पर उसके पति, सास और ननद पर लगाया है। शिकायत के अनुसार, सृष्टि की शादी नवंबर 2025 में हर्रावाला के रहने वाले सौरभ खत्री से हुई थी। सौरभ खत्री एक सरकारी कर्मचारी है। सीमा कंडारी का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उनकी बेटी को दहेज और अन्य बातों को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था।

ससुराल वालों ने दिया 'मनहूस' होने का ताना

परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों में एक बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है। सृष्टि की मां ने बताया कि शादी के करीब तीन महीने बाद सृष्टि के ससुर को दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा था। इस घटना के बाद किसी पंडित की सलाह पर ससुराल वालों ने यह अंधविश्वास पाल लिया कि बहू के घर में कदम रखने के बाद ही परिवार पर यह अनिष्ट शुरू हुआ है। इसके बाद से ही ससुराल के लोग सृष्टि को लगातार "मनहूस" कहकर अपमानित करने लगे। घर में होने वाली किसी भी छोटी-बड़ी अनहोनी के लिए केवल सृष्टि को ही जिम्मेदार ठहराया जाता था। परिजनों का कहना है कि घटना से ठीक तीन दिन पहले सृष्टि के ससुर का निधन हो गया था, जिसके बाद ससुराल वालों ने उस पर मानसिक दबाव और अधिक बढ़ा दिया था।

परिजनों से मौत की खबर छिपाने की कोशिश

सृष्टि के परिवार वालों ने बताया कि 28 और 29 जुलाई को जब उन्होंने श्रीनगर से सृष्टि के मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो उससे बात नहीं हो सकी। अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने देहरादून में रहने वाले एक परिचित को उसके घर भेजा। वहां से जानकारी मिली कि सृष्टि की तबीयत खराब है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। इसके बाद जब बदहवास परिजन श्रीनगर से देहरादून पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है।

मृतका की मां का गंभीर आरोप है कि ससुराल वालों ने बेटी की मौत की खबर तक उन्हें नहीं दी। जब इस संबंध में उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वे अंतिम समय की व्यवस्थाओं में इतने व्यस्त थे कि फोन नहीं कर पाए। परिवार का सवाल है कि यदि मामला पारदर्शी था, तो उन्हें तुरंत सूचित क्यों नहीं किया गया।

पुलिस की कानूनी कार्रवाई

इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डोईवाला पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है। पुलिस ने मृतका की मां सीमा कंडारी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति सौरभ रतूड़ी, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

देहरादून की पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) वंदना ने इस मामले को लेकर बताया कि पुलिस हर कोण से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा:

"मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया है। हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और मौके से एकत्रित किए गए अन्य सबूतों के आधार पर पूरी निष्पक्षता से जांच करेंगे। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।"

मानसिक स्वास्थ्य और मदद के लिए हेल्पलाइन

यदि आप या आपके आसपास का कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव, अवसाद या संकट की स्थिति से जूझ रहा है, तो कृपया अकेले इस दर्द को न सहें। समय पर मदद लेना जीवन बचा सकता है। आप इस सरकारी और विश्वसनीय हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं:

  • टीआईएसएस आईकॉल (TISS Icall): 022-25521111 (सोमवार से शनिवार: सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक)
  • इसके अतिरिक्त, आप अपने नजदीकी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या योग्य चिकित्सक से भी परामर्श कर सकते हैं।
देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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