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एक घंटा पहले
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हरिद्वार जमीन घोटाले में सख्त कदम
देहरादून में हरिद्वार नगर निगम जमीन घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को उन्होंने इस मामले में आरोपी तत्कालीन नगर आयुक्त और IAS Varun Chaudhary को सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश केंद्र को भेज दी है।
अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण में अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिरी है, जिसकी जानकारी कुछ इस प्रकार है:
- तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट Karmendra Singh के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें उन्हें बड़ी सजा दी जा सकती है, जिसमें पद में कमी या सेवा से बर्खास्तगी शामिल है।
- तत्कालीन SDM Ajayveer Singh के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की गई है और उनके 3 सालाना इंक्रीमेंट पर रोक लगा दी गई है।
चूंकि ये सभी अधिकारी IAS हैं, इसलिए सेवा नियमों के तहत अंतिम फैसला लेने के लिए इन सिफारिशों को DoPT के पास भेजा जा रहा है।
क्या था पूरा घोटाला?
यह मामला हरिद्वार नगर निगम द्वारा कचरा डंपिंग यार्ड के लिए खरीदी गई जमीन से जुड़ा है। जांच में खुलासा हुआ कि जो जमीन असल में लगभग ₹15 करोड़ की थी, उसे ₹54 करोड़ जैसी भारी-भरकम कीमत पर खरीदा गया। इस सौदे में नियमों की जमकर अनदेखी की गई थी। जांच में आरोप साबित होने के बाद 3 जून, 2025 को ही 7 लोगों को निलंबित कर दिया गया था।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इस ताजा कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है और एक सख्त संदेश दिया गया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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