चमोली टनल हादसा: निर्माण कार्य के दौरान सुरंग धंसी, 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 3 अभी भी लापता भारत एक घंटा पहले 2
उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग के भीतर हुए भीषण हादसे में 7 श्रमिकों की जान चली गई है, जबकि लापता लोगों की तलाश के लिए राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।

उत्तराखंड के चमोली में बड़ा हादसा

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में चल रहे एक बड़े निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हुआ है। यहाँ HCC की साइट पर निर्माणाधीन DRT टनल के धंसने से 7 मजदूरों की मौत की दुखद खबर सामने आई है। इस हादसे के बाद हड़कंप मच गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अब भी 3 मजदूर लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हादसे की सूचना मिलने के तुरंत बाद SDRF, NDRF, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य में जुट गईं। कुल 22 लोग सुरंग के अंदर फंसे थे, जिनमें से 18 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। मलबे के कारण रात में बचाव कार्य रोकना पड़ा था, लेकिन अब इसे फिर से शुरू किया गया है।

हादसा कैसे हुआ

यह भयावह घटना गुरुवार शाम करीब 6:30 से 6:45 के बीच घटित हुई। टनल के प्रवेश द्वार से लगभग 1.8 किलोमीटर अंदर अचानक एक कैविटी फटने से भारी मात्रा में पानी और मलबा बाहर आ गया। सुरंग की कुल लंबाई 3.5 किलोमीटर है, जिसके भीतर करीब 1.8 किमी की दूरी पर यह कार्य चल रहा था। वहां ग्रेविटी पर पैकिंग का काम हो रहा था, तभी एक जोरदार धमाके के साथ पानी और कीचड़ का सैलाब सुरंग के भीतर भर गया। वहां काम कर रहे श्रमिकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे मलबे और पानी के बहाव में फंस गए। सुरंग के भीतर अफरातफरी का माहौल बन गया और मलबे के कारण रास्ता बंद हो गया।

मुख्यमंत्री धामी ले रहे हैं पूरी खबर

राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है और बचाव दल को पूरी क्षमता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने प्रभावित श्रमिकों की हर संभव मदद का भरोसा दिया है। क्योंकि इस प्रोजेक्ट में छत्तीसगढ़ और झारखंड के मजदूर भी कार्यरत थे, इसलिए मुख्यमंत्री धामी ने इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी इस संबंध में संवाद किया है। गौरतलब है कि चमोली में सुरंग से जुड़ा यह कोई पहला हादसा नहीं है। पिछले साल दिसंबर में भी चमोली में सुरंग के भीतर दो लोको ट्रेनों की टक्कर से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 70 लोग घायल हुए थे। फिलहाल सभी की निगाहें जारी रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं ताकि लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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