जेवर एयरपोर्ट: जमीन देने से पहले इनकार कर चुके थे किसान, सीएम योगी ने सुनाई मनाने की कहानी उत्तर प्रदेश 3 घंटे पहले 2
नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से सोमवार को कमर्शियल उड़ानें शुरू हो गईं। पहली उड़ान में जमीन देने वाले 172 किसान लखनऊ पहुंचे, जहां सीएम योगी ने बताया कि शुरुआत में जमीन देने से इनकार कर रहे किसानों को उन्होंने कैसे मनाया था।

उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित जेवर एयरपोर्ट से विमान उड़ान भरने का सपना सोमवार को साकार हो गया। इसी दिन से यहां कमर्शियल फ्लाइट का संचालन शुरू हुआ। सुबह 7 बजकर 58 मिनट पर इंडिगो एयरलाइंस का विमान लखनऊ से उड़ान भरकर जेवर एयरपोर्ट पर उतरा, जहां इसका स्वागत वाटर जेट सलामी के साथ किया गया। इसके कुछ ही देर बाद सुबह 8 बजकर 19 मिनट पर जेवर से लखनऊ के लिए दूसरे विमान ने उड़ान भरी, जिसमें एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले 172 किसान सवार थे। बीजेपी विधायक धीरेंद्र सिंह इन किसानों को लेकर लखनऊ रवाना हुए और वहां उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराई। इसी दौरान सीएम ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए जमीन देने हेतु उन्होंने किसानों को किस तरह तैयार किया था।

172 किसानों को लेकर लखनऊ पहुंचा विमान

जेवर एयरपोर्ट की परिकल्पना करीब 25 साल पुरानी है। इसके निर्माण के लिए शिलान्यास कार्यक्रम 25 नवंबर 2021 को हुआ था। इसके करीब पांच साल बाद 28 मार्च 2026 को एयरपोर्ट का उद्घाटन किया गया और सोमवार 15 जून से यहां से उड़ानें भी शुरू हो गईं। एयरपोर्ट पर पहली लैंडिंग लखनऊ से नोएडा आए विमान की हुई, जबकि पहली टेकऑफ नोएडा से लखनऊ जाने वाले विमान की रही, जिसमें वे 172 किसान सवार थे जिन्होंने एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन दी थी।

सीएम योगी ने सुनाया वह किस्सा

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा, "मुझे याद है जब हमारी कैबिनेट ने जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया था। मैंने गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों को 100 दिन की समयसीमा दी थी कि इसके भीतर जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू हो जाए। लेकिन 100 दिन बीत जाने के बाद भी वहां कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। मैं खुद वहां गया और बैठक की तो बताया गया कि कोई प्रगति नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा, "तब मैंने गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में किसानों के साथ बैठक की। मैंने करीब 100 किसानों को बुलाया था। जब मैंने उनसे कहा कि हम एयरपोर्ट बनाना चाहते हैं, तो सामने से जवाब आया कि हम जमीन नहीं देंगे। मैंने कहा कि आपको एक घंटे का समय दे रहा हूं, यह एयरपोर्ट आप सभी की तकदीर बदल देगा। मैंने वहां मौजूद बुजुर्गों से बात की और कहा कि विकास का मॉडल क्या होता है, यह दिखाने का समय है।"

वक्त सबका आता है, बस कुछ बन जाते हैं और कुछ बिखर जाते हैं। अवसर का जो सटीक लाभ लेता है, इतिहास उसी का बनता है। जो उस मौके को गंवा देता है वह बिखर जाता है और उसके पास दोबारा कभी अवसर नहीं आता।

सीएम ने कहा, "आप किसानों ने उस वक्त मुझ पर विश्वास किया। इसी का परिणाम है कि 13 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन पर चार फेज में बनने वाले इस एयरपोर्ट के पहले फेज का काम पूरा हो गया है और आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में जेवर ने नया इतिहास रच दिया है।"

'सरकार जो कहती है, करके दिखाती है'

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार जो कहती है, उसे करके दिखाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और अन्नदाता किसानों के योगदान का ही प्रतिफल है कि देश के सबसे अधिक संभावनाओं वाले नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर से कमर्शियल फ्लाइट की शुरुआत हुई है।

योगी ने बताया कि हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसान बहनों-भाइयों का प्रथम उड़ान से लखनऊ पहुंचने पर स्वागत किया गया और उनसे आत्मीय संवाद हुआ। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का अभियान निरंतर आगे बढ़ता रहेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बधाई दी, जेवर विधानसभा क्षेत्र के विधायक धीरेंद्र सिंह का आभार जताया और अन्नदाता किसानों का अभिनंदन किया।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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