PhonePe के ₹100 इनएक्टिविटी फीस को लेकर फैली गलतफहमी, कंपनी ने दी बड़ी सफाई व्यापार 2 महीने पहले 88
PhonePe ने अपने वॉलेट के लिए नई इनएक्टिविटी फीस की घोषणा की है, जिससे यूजर्स के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह शुल्क केवल वॉलेट पर लागू होगा और UPI ट्रांजैक्शन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

PhonePe की नई पॉलिसी और यूजर्स का भ्रम

डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपनी वॉलेट पॉलिसी में बदलाव करते हुए एक नई इनएक्टिविटी फीस लागू की है। नई शर्तों के अनुसार, यदि कोई यूजर लगातार 365 दिनों तक अपने वॉलेट का इस्तेमाल नहीं करता है, तो उसे इनएक्टिव माना जाएगा। इसके बाद कंपनी हर तिमाही पर 100 रुपये (जीएसटी सहित) का शुल्क वसूलेगी। इस बदलाव के बाद यूजर्स के मन में उपजे सवालों के जवाब देते हुए कंपनी ने स्थिति को साफ किया है।

UPI और बैंक खातों पर कोई प्रभाव नहीं

PhonePe ने साफ तौर पर कहा है कि इस इनएक्टिविटी फीस का यूजर्स के बैंक खातों या UPI ट्रांजैक्शन पर कोई असर नहीं होगा। यह स्पष्टीकरण इसलिए जरूरी था क्योंकि कई ग्राहकों को लगा कि यह शुल्क उनके डिजिटल ट्रांजैक्शन पर भी लगेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह फीस केवल PhonePe वॉलेट यानी एक प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) पर ही लागू होती है, न कि सीधे बैंक खाते से होने वाले UPI लेनदेन पर।

अलग-अलग सेवाएं और नियम

कंपनी का कहना है कि यूजर्स अक्सर PhonePe अकाउंट, UPI अकाउंट और PhonePe वॉलेट को एक ही समझ लेते हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि वॉलेट में बैलेंस नहीं है, तो यह शुल्क कभी भी बैंक खाते या UPI के जरिए नहीं काटा जाएगा। इसके अलावा, कंपनी ने यह भी साफ किया कि वॉलेट की एक्टिविटी और UPI एक्टिविटी का रिकॉर्ड अलग-अलग रखा जाता है। अगर कोई यूजर नियमित रूप से UPI के जरिए पेमेंट या बिल भर रहा है, फिर भी उसका वॉलेट अलग से इनएक्टिव हो सकता है अगर उसका इस्तेमाल नहीं हुआ है।

फीस से बचने का तरीका और प्रक्रिया

  • फीस काटने से 15 दिन पहले यूजर्स को सूचना दी जाती है।
  • इस 15 दिन की अवधि में यूजर वॉलेट में पैसे डालकर या कोई ट्रांजैक्शन करके इसे एक्टिव रख सकते हैं।
  • वॉलेट को दोबारा एक्टिवेट करने के लिए किसी तरह की केवाईसी की जरूरत नहीं है, यह केवल ओटीपी वैरिफिकेशन और एक ट्रांजैक्शन से संभव है।
  • कैशबैक को लेकर भी कंपनी ने कहा कि यह आमतौर पर PhonePe वॉलेट में नहीं, बल्कि 'गिफ्ट कार्ड बैलेंस' में मिलता है, इसलिए कैशबैक प्राप्त होना वॉलेट की एक्टिविटी नहीं मानी जाती है।
राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप