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2 घंटे पहले
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खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात गहराते जा रहे हैं। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य की दिशा में दागे गए चार ईरानी ड्रोनों को मार गिराया है। इसके जवाब में अमेरिकी बलों ने ईरान के कुछ तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर भी हमला बोला। इस घटनाक्रम ने ट्रंप प्रशासन की ओर से ईरान पर बढ़ते दबाव के बीच पहले से ही डगमगाते युद्धविराम के सामने नया खतरा खड़ा कर दिया है।
ड्रोन हमले और अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि इन हमलावर ड्रोनों से क्षेत्रीय समुद्री यातायात पर तत्काल खतरा मंडरा रहा था, इसलिए इन्हें निशाना बनाया गया। कमान के अनुसार उसने जलडमरूमध्य में स्थित एक द्वीप समेत कई रडार ठिकानों पर हमला किया, ताकि आगे होने वाले संभावित हमलों से बचाव किया जा सके।
बंदरगाहों पर नाकाबंदी
अमेरिकी सेना वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के इस अहम समुद्री गलियारे पर तेहरान के बढ़ते नियंत्रण के जवाब में ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी लागू कर रही है। यह जलमार्ग दुनिया भर में ऊर्जा शिपमेंट के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ऊर्जा कीमतों और राजनीति पर असर
ईरान के इस नियंत्रण के चलते ऊर्जा की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। आगामी मध्यावधि कांग्रेस चुनावों से पहले यह स्थिति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक मुश्किलें पैदा कर रही है। बढ़ती कीमतें और क्षेत्रीय तनाव दोनों ही प्रशासन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं।
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