ईरान के साथ जारी तनाव के दौर में अमेरिका को बड़ा झटका, सेना प्रमुख डैन ड्रिस्कॉल ने इस्तीफा सौंपा विश्व 2 घंटे पहले 6
अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना इस्तीफा भेज दिया है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब रक्षा विभाग के भीतर उच्च स्तरीय मतभेदों की खबरें सामने आ रही हैं।

इस्तीफे की बड़ी हलचल

अमेरिका की सैन्य व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। सीएनएन की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यूएस आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आधिकारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय पूरी तरह से अप्रत्याशित नहीं था, क्योंकि डैन ड्रिस्कॉल और सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध बने हुए थे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने ड्रिस्कॉल के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता की सराहना की। केली ने कहा कि ड्रिस्कॉल ने राष्ट्रपति ट्रंप के अमेरिका को फिर से मजबूत बनाने के एजेंडे को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया है। उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में बातचीत के जरिए समाधान निकालने और ऐतिहासिक सैन्य अभियानों के दौरान बेहतर नेतृत्व प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

हेगसेथ के साथ मतभेद और सैन्य बदलाव

डैन ड्रिस्कॉल का यह कदम ऐसे नाजुक समय पर आया है जब ईरान के साथ जारी जंग को शुरू हुए करीब छह महीने बीत चुके हैं। विश्लेषकों का मानना है कि हेगसेथ के साथ वैचारिक मतभेद उनके जाने का मुख्य कारण बने। गौरतलब है कि इस साल के शुरुआती महीनों में हेगसेथ ने आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज सहित दो अन्य वरिष्ठ जनरलों को उनके पदों से हटा दिया था। जनरल रैंडी जॉर्ज और ड्रिस्कॉल ने सेना के आधुनिकीकरण के लिए मिलकर काम किया था। एक पूर्व आर्मी रेंजर और वेंचर कैपिटलिस्ट के रूप में अपनी पहचान रखने वाले ड्रिस्कॉल ने सैनिकों के जीवन स्तर में सुधार, सैन्य उपकरणों को अत्याधुनिक बनाने और यूक्रेन से मिले युद्ध अनुभवों के आधार पर कमर्शियल टेक्नोलॉजी के उपयोग पर खासा जोर दिया था। उनकी सक्रिय पहल के चलते विभिन्न प्राइवेट कंपनियों ने अमेरिकी सेना के ठिकानों पर डेटा सेंटर, मिनरल रिफाइनरी और बेहतर डाइनिंग सुविधाओं के लिए 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश का वादा किया था।

नियुक्ति का सफर और पृष्ठभूमि

डैन ड्रिस्कॉल की नियुक्ति का सफर भी काफी चर्चित रहा था। सीनेट ने 25 फ़रवरी, 2025 को 66-28 के बहुमत के साथ उनकी नियुक्ति पर अपनी मुहर लगाई थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने उनके व्यापक अनुभव को देखते हुए उन्हें चुना था। ड्रिस्कॉल की पृष्ठभूमि एक सैन्य अधिकारी, निवेशक और राजनीतिक सलाहकार की रही है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत येल लॉ स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने से पहले ऑपरेशन इराकी फ़्रीडम के दौरान 10वीं माउंटेन डिवीजन में कैवेलरी स्काउट प्लाटून लीडर के तौर पर की थी। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी क्षेत्र में काम किया और वेंस के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली थी।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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