Ujjain में दिखेगा दुर्लभ नजारा, 21 जून को शून्य छाया दिवस का गवाह बनेगा Yantra Mahal मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
Ujjain की 300 साल पुरानी वेधशाला में 21 जून को एक अनोखी खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जब दोपहर के समय वस्तुओं की परछाई पूरी तरह गायब हो जाएगी।

Ujjain बनेगा खगोलीय घटना का साक्षी

धार्मिक नगरी Ujjain अपनी प्राचीन खगोलीय विरासत के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। 21 जून को शहर की करीब 300 साल पुरानी ऐतिहासिक वेधशाला, जिसे Yantra Mahal के नाम से जाना जाता है, एक दुर्लभ घटना की गवाह बनेगी। इस दिन दोपहर 12 बजकर 28 मिनट पर सूर्य ठीक सिर के ऊपर होगा, जिससे पेड़ों, खंभों और अन्य वस्तुओं की परछाइयां कुछ पलों के लिए गायब हो जाएंगी। विज्ञान की भाषा में इसे शून्य छाया दिवस कहा जाता है।

साल का सबसे बड़ा दिन

21 जून को सूर्य अपनी अधिकतम उत्तरी स्थिति में होता है, जिससे उत्तरी गोलार्द्ध में यह साल का सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात होती है। Ujjain में इस दिन सूर्योदय सुबह 5:42 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 7:16 बजे होगा। इस प्रकार दिन की कुल अवधि 13 घंटे 34 मिनट की रहेगी, जबकि रात 10 घंटे 26 मिनट की होगी।

Yantra Mahal का ऐतिहासिक महत्व

Yantra Mahal का निर्माण जयपुर के महाराजा Jai Singh ने 1733 ईस्वी में करवाया था। जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक Dr. Rajendra Prakash Gupta के अनुसार, यदि आसमान साफ रहा और तेज धूप निकली, तो शंकु यंत्र के जरिए इस खगोलीय स्थिति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।

क्या है शंकु यंत्र की खासियत

  • यहाँ स्थित शंकु यंत्र क्षितिज वृत्त के तल में बना है।
  • इसकी छाया के माध्यम से खींची गई सात रेखाएं 12 राशियों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
  • ये रेखाएं 21 जून को सबसे बड़ा दिन, 22 दिसंबर को सबसे छोटा दिन और 21 मार्च23 सितंबर को दिन-रात बराबर होने की स्थिति को दर्शाती हैं।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!