मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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सिंहस्थ 2028 की हाईटेक सुरक्षा तैयारियां
धार्मिक नगरी उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ 2028 (महाकुंभ) की तैयारियां अब जोरों पर हैं। करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से हाईटेक बनाने का निर्णय लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा तैयार की गई सुरक्षा योजना को मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद अब अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद और तैनाती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस महाकुंभ को सुरक्षा और तकनीक के लिहाज से अब तक का सबसे आधुनिक आयोजन बनाने की कवायद की जा रही है।
आसमान से पानी के भीतर तक निगरानी
सिंहस्थ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को तीन स्तरों पर मजबूत किया जाएगा। आयोजन स्थल की निगरानी के लिए कुल 40 अत्याधुनिक एआई ड्रोन तैनात किए जाएंगे, जो आसमान से हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इन ड्रोन्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें अंडरवॉटर ड्रोन भी शामिल हैं। ये विशेष ड्रोन शिप्रा नदी के घाटों और पानी के अंदर की गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे। किसी भी आपातकालीन स्थिति, जैसे कि डूबने जैसी घटनाओं में रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज और प्रभावी बनाने में ये अंडरवॉटर ड्रोन बेहद सहायक सिद्ध होंगे। ये ड्रोन सीधे तौर पर अधिकारियों को实时 अलर्ट भेजेंगे, जिससे समय रहते बचाव कार्य किए जा सकेंगे।
3500 सीसीटीवी कैमरों का सुरक्षा जाल
उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, शिप्रा नदी के तट पर फैले 29 किलोमीटर लंबे घाट क्षेत्र में 3,500 से अधिक हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की फीड सीधे कंट्रोल रूम से जुड़ी होगी और इसे एआई आधारित सिस्टम द्वारा मॉनिटर किया जाएगा। यह व्यापक सर्विलांस सिस्टम न केवल सामान्य निगरानी रखेगा, बल्कि भीड़ के दबाव, आग लगने की घटना, भगदड़ जैसी स्थिति या फिर ट्रैफिक जाम की आशंकाओं का पता पहले ही लगा लेगा।
एआई की मदद से मिलेगी स्मार्ट सुरक्षा
इस बार सिंहस्थ में एआई तकनीक का प्रयोग सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जाएगा। एआई की मदद से भीड़ के घनत्व का पूर्वानुमान 15 से 45 मिनट पहले ही लगाया जा सकेगा, जिससे मेला प्रशासन समय रहते भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी व्यवस्था कर पाएगा। यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसपैठ करने की कोशिश करता है या बैरिकेड पार करता है, तो एआई सिस्टम तुरंत संबंधित पुलिसकर्मियों को अलर्ट भेज देगा। इसके अलावा, एआई आधारित क्राउड प्रेडिक्शन तकनीक के माध्यम से महाकाल मंदिर में दर्शन की पूरी व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाया जाएगा।
स्वच्छता और ट्रैफिक प्रबंधन में तकनीक
सुरक्षा के अलावा तकनीक का इस्तेमाल अन्य सुविधाओं में भी किया जाएगा। एआई और एनपीआर आधारित सीसीटीवी सिस्टम सड़कों पर लगने वाले संभावित ट्रैफिक जाम की जानकारी पहले ही दे देंगे, ताकि यातायात को सुचारू रखा जा सके। शहर को स्वच्छ रखने के लिए स्मार्ट डस्टबिन का उपयोग किया जाएगा, जो भरते ही सफाई कर्मियों के मोबाइल पर सूचना भेज देंगे। कुल मिलाकर, सिंहस्थ 2028 श्रद्धालुओं के लिए तकनीकी रूप से सबसे सुरक्षित और व्यवस्थित महाकुंभ साबित होने की उम्मीद है। पुलिस और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य करोड़ों भक्तों को एक सुरक्षित और सुखद आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है।
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