जन्माष्टमी का अनोखा जश्न: उदयपुर के शेफ ने तरबूज पर उकेरी भगवान श्रीकृष्ण की अद्भुत छवि धर्म एक घंटा पहले 5
उदयपुर के एक प्रतिभाशाली शेफ ने जन्माष्टमी के अवसर पर फल नक्काशी का सहारा लेकर अपनी भक्ति प्रदर्शित की है। उन्होंने तरबूज पर बारीक काम करते हुए कान्हा का चेहरा जीवंत कर दिया है।

भक्ति और कला का अनूठा संगम

जन्माष्टमी के पावन पर्व पर अपनी आस्था को जाहिर करने के लिए लोग तरह-तरह के जतन करते हैं, लेकिन उदयपुर के शेफ हर्षवर्धन सिंह शक्तावत ने एक बेहद अनूठी और रचनात्मक विधि अपनाई है। हिंता गांव के निवासी हर्षवर्धन ने इस खास मौके पर तरबूज को अपनी कला का माध्यम बनाया है। उन्होंने अपनी कुशलता और धैर्य का परिचय देते हुए चाकू और पेंसिल की मदद से तरबूज के ऊपर भगवान श्रीकृष्ण की सुंदर आकृति उकेरी है।

बारीकी से तैयार की गई कलाकृति

इस कलाकारी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी भी प्रकार की आधुनिक मशीन या प्रिंटिंग तकनीक का प्रयोग नहीं किया गया है। हर्षवर्धन ने तरबूज की विभिन्न परतों को बहुत ही सावधानी और बारीकी से तराशा है, जिससे कान्हा के चेहरे के हाव-भाव स्पष्ट रूप से उभर कर सामने आए हैं। यह पूर्णतः हस्तनिर्मित कलाकृति उनकी रचनात्मकता और प्रभु के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है।

पहले भी दिखा चुके हैं हुनर

हर्षवर्धन सिंह शक्तावत होटल उद्योग में एक अनुभवी शेफ होने के साथ-साथ एक कुशल फ्रूट कार्विंग कलाकार के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। वे इससे पहले भी अपनी कला के माध्यम से कई महान हस्तियों और आराध्य देवों की आकृतियां तैयार कर चुके हैं। उनकी बनाई गई सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराणा प्रताप, विराट कोहली, रतन टाटा, नीरज चोपड़ा, सालासर बालाजी और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। उनके लिए यह फ्रूट कार्विंग केवल एक हुनर या शौक नहीं, बल्कि भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति को प्रकट करने का एक सशक्त माध्यम बन गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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