महाराष्ट्र
4 घंटे पहले
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विवाद की शुरुआत और घटनाक्रम
महाराष्ट्र के जलगांव जिले के रावेर इलाके में रविवार शाम को उस समय अफरातफरी मच गई जब गणेश विसर्जन के दौरान दो गुटों के बीच गंभीर विवाद हो गया। विवाद की मुख्य वजह विसर्जन यात्रा के दौरान रास्ता रोकने को लेकर हुई बहस थी। देखते ही देखते यह मामूली कहासुनी हिंसक रूप ले बैठी और दोनों पक्षों की तरफ से पथराव शुरू हो गया। इस झड़प में शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक 2 से 3 लोगों के घायल होने की सूचना मिली है।
पुलिस की कार्रवाई और इलाके की स्थिति
इस अप्रिय घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल व्याप्त है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। रावेर पुलिस ने इस मामले में दंगा, पथराव और एट्रोसिटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
उच्चाधिकारियों का दौरा
घटना की गंभीरता को देखते हुए जलगांव के जिला पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धीवरे और अपर पुलिस अधीक्षक संदीप गावित तुरंत रावेर पहुंचे। इन अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि वे पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
गाजियाबाद की घटना से तुलना
इसी तरह की एक शर्मनाक घटना हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के साहिबाबाद से भी सामने आई थी। वहां गणेश विसर्जन के दौरान डीजे बजाने को लेकर दो गुट आपस में टकरा गए थे। विवाद की नींव तो विसर्जन के समय से पहले ही पड़ चुकी थी, जब स्थापना के दौरान दोनों पक्षों में डीजे को लेकर झगड़ा हुआ था। रविवार को विसर्जन के मौके पर जब वे लोग दोबारा आमने-सामने आए, तो पुरानी रंजिश के चलते मारपीट शुरू हो गई। उस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिसमें युवक एक-दूसरे को सरेआम पीटते नजर आए थे। कुछ लोग तो जीटी रोड तक एक-दूसरे का पीछा करते हुए मारपीट करते देखे गए थे। इस तरह के आयोजनों के दौरान सार्वजनिक शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है।
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