कानून सबके लिए एक समान: तुकाराम मुंडे ने मिलावट और सिस्टम की खामियों पर तोड़ी चुप्पी राष्ट्रीय राजनीति 15 घंटे पहले 3
महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंडे ने एक विशेष साक्षात्कार में मिलावटखोरी और सिस्टम की पारदर्शिता पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।

कठोर फैसले और पारदर्शिता की प्राथमिकता

महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तुकाराम मुंडे अपने सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में एक खास बातचीत के दौरान उन्होंने खाद्य सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उनका मानना है कि व्यवस्था में पारदर्शिता तभी आ सकती है जब नियमों का पालन पूरी सख्ती से हो। मुंडे ने स्पष्ट किया कि उनकी कार्यशैली में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाता है, चाहे मामला कितना भी बड़ा क्यों न हो।

नियमों के सामने सब बराबर

तुकाराम मुंडे ने इस बात पर जोर दिया कि खाद्य सुरक्षा के कानून पूरी तरह से तटस्थ हैं। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में कोई भी छोटा या बड़ा नहीं होता। उनके अनुसार, सड़क के किनारे वडापाव बेचने वाला हो या फिर कोई आलीशान फाइव स्टार होटल, अगर नियम का उल्लंघन होता है तो कार्रवाई सुनिश्चित है। उनके इस रुख का उद्देश्य आम जनता के स्वास्थ्य के साथ होने वाले खिलवाड़ को पूरी तरह रोकना है।

एनालॉग पनीर और खाद्य मिलावट

साक्षात्कार के दौरान एनालॉग पनीर और बाजार में बिकने वाली मिलावटी खाद्य सामग्री का मुद्दा भी उठा। मुंडे ने बताया कि किस तरह से नकली उत्पादों से लोगों की सेहत को खतरा हो रहा है। उन्होंने इसे एक बड़ी चुनौती माना है और इसके खिलाफ लगातार छापेमारी और कार्रवाई जारी रखने का भरोसा दिलाया है। उनका मानना है कि खाद्य सुरक्षा के मानकों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नागरिकों की जिम्मेदारी और NIMBY सिंड्रोम

चर्चा के दौरान उन्होंने NIMBY सिंड्रोम का भी जिक्र किया। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझें। अक्सर लोग बदलाव की उम्मीद तो करते हैं, लेकिन जब सुधार उनके अपने क्षेत्र या परिवेश में लागू होते हैं, तो वे विरोध करने लगते हैं। मुंडे ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे सतर्क रहें और मिलावट जैसे मुद्दों पर प्रशासन का साथ दें। स्टोरीबोर्ड 18 ग्लोबल जेनजी समिट में अनुज सिंघल के साथ हुई इस विस्तृत बातचीत में मुंडे ने साफ कर दिया कि उनकी प्राथमिकता केवल कानून का पालन कराना ही नहीं, बल्कि एक सुरक्षित खाद्य परिवेश का निर्माण करना है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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