दुनिया की सबसे हसीन मल्लिका: आज होतीं 65 वर्ष की, जानें प्रिंसेज डायना के बारे में 10 दिलचस्प बातें जीवनशैली 2 महीने पहले 71
प्रिंसेज डायना की खूबसूरती और उनकी जीवनशैली ने पूरी दुनिया को अपना दीवाना बना लिया था। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर आइए जानते हैं उस महान राजकुमारी के बारे में 10 रोचक तथ्य जो शायद अब तक किसी ने आपको नहीं बताए होंगे।

दुनिया की सबसे हसीन मल्लिका की यादें

वह सौंदर्य की प्रतिमूर्ति थीं और उनकी एक मुस्कान लाखों दिलों की धड़कनें तेज कर देने के लिए काफी थी। अगर आज वह हमारे बीच होतीं, तो अपना 65वां जन्मदिन मना रही होतीं। हम बात कर रहे हैं ब्रिटेन की दिवंगत राजकुमारी, प्रिंसेज डायना की, जिन्होंने अपनी सादगी और दिलकश अंदाज से पूरी दुनिया को प्रभावित किया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था और वह कम उम्र में ही इस दुनिया को अलविदा कह गईं। आज उनके जन्मदिन के मौके पर, हम प्रिंसेज डायना से जुड़ी 10 ऐसी अनसुनी बातों के बारे में बताएंगे, जो उनके व्यक्तित्व के अनछुए पहलुओं को उजागर करती हैं।

पांच भाई-बहनों में चौथी संतान

प्रिंसेज डायना का जन्म 1 जुलाई 1961 को हुआ था और उनका पूरा नाम डायना फ्रांसिस स्पेंसर था। उनका पालन-पोषण एक बेहद प्रतिष्ठित और कुलीन परिवार में हुआ था। अगर उनके परिवार की बात करें, तो वह अपने माता-पिता की पांच संतानों में से चौथी थीं। उनके परिवार में दो बड़ी बहनें, एक बड़ा भाई और एक छोटा भाई शामिल थे। दुर्भाग्यपूर्ण रूप से, उनके बड़े भाई का निधन जन्म के कुछ समय बाद ही हो गया था। उनके छोटे भाई, चार्ल्स स्पेंसर, वर्तमान में अर्ल स्पेंसर के रूप में जाने जाते हैं।

बैले डांसर बनने का सपना

क्या आप जानते हैं कि शाही महल के गलियारों में कदम रखने से बहुत पहले ही, डायना एक पेशेवर बैले नर्तकी बनने का सपना देखती थीं? उन्हें नृत्य से गहरा लगाव था। हालांकि, उनकी लंबाई के चलते उन्हें अपने इस सपने को पूरा करने में मुश्किल महसूस हुई। लगभग 5 फीट 10 इंच की लंबाई के कारण उन्होंने स्वयं को इस कठिन कला के लिए पूरी तरह उपयुक्त नहीं माना। इसके बावजूद, नृत्य के प्रति उनका प्रेम जीवन भर बरकरार रहा और दुनिया के जिस भी कोने में वह गईं, वहां उनका नृत्य के प्रति जुनून स्पष्ट दिखाई दिया।

शाही दुल्हन बनने से पहले की नौकरी

भले ही डायना का ताल्लुक एक बेहद संपन्न और रईस खानदान से था, लेकिन प्रिंस चार्ल्स से विवाह करने से पूर्व उन्होंने एक आम लड़की की तरह काम किया। उन्होंने लंदन में नैनी, किंडरगार्टन एसिस्टेंट और नर्सरी स्कूल शिक्षिका के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। यह एक ऐतिहासिक बात थी कि वह ब्रिटिश सिंहासन के वारिस से विवाह करने से पहले वेतन पाने वाली पहली शाही दुल्हन बनीं, जिसने शाही परंपराओं को एक नया आयाम दिया।

बहन के जरिए प्रिंस चार्ल्स से मुलाकात

यह एक काफी दिलचस्प तथ्य है कि डायना की मुलाकात प्रिंस चार्ल्स से उनकी अपनी बड़ी बहन के माध्यम से हुई थी। 1970 के दशक के अंतिम वर्षों में प्रिंस चार्ल्स, डायना की बड़ी बहन सारा स्पेंसर को डेट कर रहे थे। उसी दौरान सारा के जरिए डायना और प्रिंस चार्ल्स की पहली बार मुलाकात हुई। काफी समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद ही उन्होंने अपने संबंधों को आगे बढ़ाया था।

सगाई की अंगूठी का खुद चुनाव

शाही खानदान में सगाई की अंगूठी चुनने का अधिकार अक्सर परिवार के बड़ों के पास होता है, लेकिन डायना ने इस पुरानी परंपरा को बदलने का साहस दिखाया। उन्होंने अपनी सगाई की अंगूठी का चुनाव स्वयं किया था। उन्होंने गैराल्ड ज्वेलरी कैटलॉग से अपनी प्रसिद्ध 12 कैरेट नीलम और हीरे की अंगूठी को चुना था। आज यह ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित अंगूठी वेल्स की राजकुमारी कैथरीन द्वारा पहनी जाती है।

बच्चों की परवरिश के नए मायने

शाही परिवारों में बच्चों का पालन-पोषण अक्सर बहुत कड़े और पारंपरिक माहौल में होता है, लेकिन डायना ने प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी के बचपन को जितना संभव हो सका, सामान्य बनाने का प्रयास किया। उन्होंने शाही नियमों को दरकिनार करते हुए उन्हें नर्सरी स्कूल में भेजा, आम लोगों की तरह सार्वजनिक स्थानों पर घुमाया और उन्हें फास्ट फूड व मनोरंजन पार्कों का अनुभव भी कराया। उस दौर में शाही परिवार के लिए यह सब करना बहुत ही असामान्य था।

संगीत में गहरी रुचि

राजकुमारी डायना को संगीत का भी बहुत शौक था। वह स्वीडिश पॉप बैंड एबीबीए की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। बैंड के गानों के प्रति उनका यह लगाव दिखाता था कि शाही चमक-धमक से दूर, वह एक हंसमुख और जीवंत व्यक्तित्व की धनी थीं।

फोटो खिंचवाने का खास तरीका

दुनिया की सबसे अधिक फोटो खिंचवाने वाली महिलाओं में शुमार होने के कारण, डायना को मीडिया के कैमरों से हमेशा सतर्क रहना पड़ता था। कार से निकलते समय, वह अपनी शालीनता बनाए रखने के लिए छोटे क्लच बैग का इस्तेमाल करती थीं ताकि उनके गले या सीने का हिस्सा ढका रहे। मजेदार बात यह है कि वह स्वयं मजाक में अपने इन क्लच बैग को क्लीवेज बैग कहा करती थीं, क्योंकि ये उन्हें अजीबोगरीब तस्वीरों से बचाने में मददगार साबित होते थे।

शादी की शपथ में बदलाव

1981 में प्रिंस चार्ल्स के साथ हुई शादी में डायना ने एक बड़ी मिसाल कायम की। उस समय की शाही परंपरा के अनुसार, शादी की प्रतिज्ञा में पति की आज्ञा मानने का शब्द शामिल होता था, लेकिन डायना ने अपनी शपथ से इस शब्द को हटा दिया। उस समय इसे शाही परंपराओं का उल्लंघन माना गया था, लेकिन बाद के वर्षों में कई शाही दुल्हनों ने उनके इस साहसी कदम का अनुसरण किया और आज यह एक सामान्य प्रक्रिया बन चुकी है।

दिलों की रानी बनने की चाहत

साल 1995 में बीबीसी को दिए गए अपने चर्चित इंटरव्यू में डायना ने एक ऐसी बात कही जो हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह केवल ब्रिटेन की रानी बनने की इच्छा नहीं रखतीं, बल्कि वह आम लोगों के दिलों की रानी बनना चाहती हैं। उनका यह कथन आज भी उनकी विरासत का सबसे प्रभावशाली हिस्सा माना जाता है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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