झीलों की नगरी उदयपुर का असली जादू देखना है तो रात में निकलें, रोशनी में नहाए घाट और महल बना देंगे दीवाना जीवनशैली 4 महीने पहले 131
उदयपुर की खूबसूरती दिन के उजाले में तो दिखती ही है, लेकिन रात होते ही यहां की रौनक और रोशनी इसे एक जादुई शहर में बदल देती है। पिछोला झील से लेकर ऐतिहासिक महलों तक का नजारा सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देता है।

रात के अंधेरे में जगमगाता उदयपुर

राजस्थान का उदयपुर शहर अपनी झीलों के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन इसकी असली खूबसूरती का अनुभव सूर्यास्त के बाद ही होता है। जब सूरज ढल जाता है, तो शहर के ऐतिहासिक महल और झील के घाट कृत्रिम रोशनी से जगमगा उठते हैं। यह जादुई नजारा पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया का अहसास कराता है। रात के समय पिछोला झील और आसपास के राजसी भवनों की सुनहरी चमक उदयपुर के नाइट टूरिज्म में चार चांद लगा देती है।

गणगौर घाट और आमराई घाट का सुकून

रात के समय पर्यटकों के बीच सबसे पसंदीदा जगहों में गणगौर घाट शामिल है। झील के किनारे लगी रंगीन लाइटों का पानी में बनता प्रतिबिंब सैलानियों को दीवाना बना देता है। वहीं, आमराई घाट से लेक पैलेस और जगनिवास महल का जगमगाता हुआ दृश्य बेहद आकर्षक होता है। यहां बैठकर ठंडी हवाओं के बीच घंटों समय बिताना किसी को भी शांति का अनुभव कराता है।

जीवंत होता पुराना शहर

केवल झीलें ही नहीं, बल्कि शहर का मध्य हिस्सा भी रात में पूरी तरह बदल जाता है। जगदीश चौक का पारंपरिक बाजार और वहां की चहल-पहल देर रात तक बनी रहती है। रोशनी से सराबोर यह इलाका अपने रूफटॉप कैफे और हस्तशिल्प की दुकानों के साथ पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। इसके अलावा फतेहसागर झील का किनारा, घंटाघर और हाथीपोल के इलाके भी अपनी अनूठी हेरिटेज लाइटिंग के कारण देखने लायक होते हैं।

पर्यटकों के लिए अनिवार्य अनुभव

उदयपुर की यह रात्रिकालीन सुंदरता अब यहाँ आने वाले हर यात्री के लिए एक अनिवार्य हिस्सा बन गई है। देश-विदेश से आने वाले सैलानी भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर, इन ऐतिहासिक स्थानों की अद्भुत शांति और सौंदर्य को निहारने के लिए उदयपुर को चुनते हैं। शहर की लहरें मारती झीलें और उन पर पड़ती रोशनी का प्रतिबिंब इसे अन्य पर्यटन स्थलों से बिल्कुल अलग और खास पहचान दिलाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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