उपनाम: पर्यटन स्थल
रांची में सर्दियों की पिकनिक के लिए बेहतरीन हैं ये जगहें, पहाड़ों और जंगलों के बीच ले सकते हैं शानदार अनुभव
रांची की खूबसूरत वादियों में गुलाबी सर्दी का आनंद लेने के लिए कई पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जहां आप बोनफायर और नाइट कैंपिंग का लुत्फ उठा सकते हैं। पतरातू, तैमारा घाटी और बाडूबेरा जैसे स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं।
बोकारो का खांजो वॉटरफॉल: भीड़भाड़ से दूर प्रकृति की गोद में बसा एक खूबसूरत ठिकाना, मानसून में दिखता है जन्नत सा नजारा
झारखंड के बोकारो जिले में स्थित खांजो वॉटरफॉल पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक स्थल है, जहां मानसून के दौरान बहता हुआ पानी और चारों तरफ फैली हरियाली जन्नत का अहसास कराती है।
नैनीताल की वादियों में छिपा है 'सरिता ताल', मानसून में बिखरती है अनोखी रंगत और सर्दियों में बिछ जाती है हरी चादर
उत्तराखंड के नैनीताल की भीड़ से दूर स्थित सरिता ताल पर्यटकों के लिए एक बेहद शांत और खूबसूरत ठिकाना है, जहां सर्दियों में पानी के ऊपर हरी चादर जमने का अद्भुत नजारा दिखता है।
भारत की 5 ऐसी झीलें जहां पानी शीशे की तरह है साफ, इस मानसून बनाएं यहां घूमने का प्लान
मानसून के सुहाने मौसम में अगर आप किसी शांत और प्राकृतिक जगह की तलाश में हैं, तो भारत की इन 5 बेहद खूबसूरत और साफ झीलों की सैर जरूर करें जिनका पानी पूरी तरह पारदर्शी है।
झीलों की नगरी उदयपुर का असली जादू देखना है तो रात में निकलें, रोशनी में नहाए घाट और महल बना देंगे दीवाना
उदयपुर की खूबसूरती दिन के उजाले में तो दिखती ही है, लेकिन रात होते ही यहां की रौनक और रोशनी इसे एक जादुई शहर में बदल देती है। पिछोला झील से लेकर ऐतिहासिक महलों तक का नजारा सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
कौवों के नाम पर बसा अनोखा गांव! 1962 की तिब्बती बसाहट से जुड़ी है 'कौवा डांड' की दिलचस्प कहानी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित 'कौवा डांड' को यह नाम 1962 में यहां बसे तिब्बती समुदाय ने दिया था, क्योंकि उस दौर में यहां कौवों की भरमार थी। आज भी सुबह-शाम सैकड़ों कौवों की आवाज इस जगह को खास पहचान देती है।
जोधपुर की सैर का है इरादा? इन 7 बेमिसाल पर्यटन स्थलों को देखे बिना अधूरी रहेगी यात्रा
सूर्यनगरी जोधपुर अपने ऐतिहासिक किलों, शाही महलों और प्राकृतिक नजारों के लिए मशहूर है। यहां के 7 प्रमुख पर्यटन स्थल इतिहास, संस्कृति और स्थापत्य कला के शौकीनों के लिए खास आकर्षण माने जाते हैं।
हर दिशा से उतरती सीढ़ियां और जल बचाने की अनोखी तकनीक: यही है चोपड़ा बावड़ी का असली रहस्य
धौलपुर की ऐतिहासिक चोपड़ा बावड़ी अपनी चारों दिशाओं से उतरती सीढ़ियों और प्राचीन जल संरक्षण तकनीक के कारण आज भी सबको हैरान करती है। यह राजस्थान की समृद्ध स्थापत्य विरासत का अनूठा उदाहरण मानी जाती है।