झारखंड का केचकी संगम बना बेस्ट टूरिस्ट स्पॉट, कश्मीर और मनाली जैसी खूबसूरती का अहसास जीवनशैली एक घंटा पहले 4
मानसून के बाद झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व स्थित केचकी संगम का नजारा बेहद मनमोहक हो गया है। कोयल और औरंगा नदियों के मिलन का यह स्थान पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है।

मानसून के बाद नई रंगत में केचकी संगम

जैसे ही मानसून का सीजन विदा होता है, झारखंड के घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ों की गोद में बसी प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है। पलामू टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाला केचकी संगम इस समय पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है। पलामू और लातेहार जिले की सीमा पर बसा यह स्थल अपनी अद्भुत प्राकृतिक छटा के लिए जाना जाता है। कोयल और औरंगा नदियों के मिलन स्थल पर बनी यह जगह अब उन लोगों के लिए पहली पसंद बनती जा रही है, जो भीड़भाड़ से दूर प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं। बारिश के बाद चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ियों की तलहटी ने इसे किसी हिल स्टेशन जैसी खूबसूरती प्रदान कर दी है, जो कश्मीर या मनाली के नजारों को भी टक्कर दे रही है।

पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र

बारिश थमने के साथ ही नदियों का जलस्तर अब सामान्य हो गया है, जिससे संगम का दृश्य और भी ज्यादा मनमोहक नजर आने लगा है। दूर-दूर तक फैली हरियाली से ढकी पहाड़ियां, लहराती नदियां और साफ नीला आसमान पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। यहां आने वाले सैलानी घंटों तक नदी के किनारे बैठकर इस शांत वातावरण का आनंद लेते देखे जा सकते हैं। सर्दियां शुरू होने से पहले ही यहां लोगों की चहल-पहल बढ़ गई है, जो इस स्थान की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। पर्यटक अब अपने मित्रों और परिवार के साथ यहां पिकनिक मनाने और सुकून के पल बिताने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

यादों और आधुनिक सुविधाओं का संगम

केचकी संगम का रिश्ता लोगों की पुरानी यादों से भी जुड़ा है। गढ़वा जिले के रंका से आए वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता का कहना है कि उन्हें अपने दोस्तों के जरिए इस जगह के बारे में पता चला और यहां आकर वे प्रकृति की सुंदरता देखकर दंग रह गए। वहीं, चंद्रकांत नामक एक अन्य पर्यटक ने अपनी यादें साझा करते हुए बताया कि वह बचपन में अपने माता-पिता के साथ पहली बार यहाँ आए थे। वर्षों बाद जब वे दोबारा यहां पहुंचे, तो उन्हें यह स्थान पहले से कहीं अधिक विकसित और आकर्षक लगा। बैठने की व्यवस्था और ठहरने के लिए बनी सुविधाओं में आया बदलाव उन्हें काफी पसंद आया। वे अब हर साल कम से कम दो से तीन बार यहां जरूर आते हैं।

सुरक्षा और स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम

पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। संगम क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गार्ड की तैनाती की गई है और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। साथ ही, इको विकास समिति के माध्यम से यहां साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यटकों को गंदगी न फैलाने के लिए जागरूक करने हेतु सफाई अभियान भी चलाए जा रहे हैं। वन विभाग के कर्मचारी हर समय वहां मुस्तैद रहते हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। यहाँ पर्यटकों के ठहरने के लिए भी उचित इंतजाम मौजूद हैं।

कैसे पहुंचें केचकी संगम

केचकी संगम की भौगोलिक स्थिति इसे सुलभ बनाती है। यह पलामू के मेदिनीनगर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए सड़क मार्ग सबसे उत्तम विकल्प है, जहाँ पर्यटक अपने निजी वाहन या ऑटो के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं। यदि आप रेल मार्ग से यात्रा करना चाहते हैं, तो केचकी और मेदिनीनगर नजदीकी रेलवे स्टेशन हैं। हवाई मार्ग का उपयोग करने वाले पर्यटकों के लिए रांची एयरपोर्ट मुख्य विकल्प के रूप में उपलब्ध है। बदलते मौसम के कारण आने वाले दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की पूरी उम्मीद है, जो पर्यटन उद्योग के लिए एक सुखद संकेत है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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